होमस्कूलिंग के फायदे और नुकसान - Homeschooling Advantages and Disadvantages
होमस्कूलिंग के फायदे और नुकसान -
Homeschooling Advantages and Disadvantages
नमस्कार दोस्तों !
कल ही मेरे बेटे के स्कूल से किताबें आयी और मै सोच मे पड़ गयी की लोग कैसे होमेस्कूलिंग करते हैं | कोरोना काल मे हम सभी माता-पिता चाहे ना-चाहे हम सभी को होमेस्कूलिंग के लिए बच्चों के साथ लगना ही पड़ेगा | कुछ नहीं तो कम से कम ये साल तो होमेस्केलिंग के द्वारा ही बच्चों को पढ़ना पड़ेगा | पर क्या आप जानते हैं कई माता-पिता सब कुछ सामान्य होने पर भी अपने बच्चो की पूरी शिक्षा के लिए स्कूल नहीं बल्कि होमस्कूलिंग को चुनते हैं |
दुनिया के कई विकसित एवं विकासशील देशो जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, रूस, थाईलैंड, केन्या मे होमेस्कूलिंग को अपनाया जा रहा हैं|
आईये जाने क्या है ये होमस्कूलिंग और इसके फायदे और नुकसान की चर्चा करें –
होमस्कूलिंग क्या है ? –
होमस्कूलिंग एक दृष्टिकोण है जहाँ माता-पिता बच्चों कि गति एवं रुचि के आधार पर उनको घर पर ही शिक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी उठाते हैं|
प्रत्येक बच्चे का अपना सोचने का तरीका होता हैं, अपनी रूचि होती हैं एवं अपनी मनोदशा होती हैं; और ये बात उनके माता-पिता से अच्छा कोई नहीं समझ सकता | होमेस्कूलिंग एक बहुत ही बेहतरीन विचार हैं बच्चों को घर के स्वच्छ एवं प्यार भरे माहौल मे पढ़ने और काबिल बनाने का |
होम स्कूल लीगल डिफेंस एसोसिएशन के October
07, 2019 आंकड़ों के अनुसार “भारत मे 500-1000 बच्चे होमेस्कूलिंग के द्वारा शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं”
होमेस्कूलिंग के फायदे -
1)
सम्पूर्ण केंद्रित ध्यान - माता पिता होमेस्कूलिंग मे बच्चे पर पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकते है, परन्तु विद्यालय मे शिक्षक पूरा धयान किसी एक बच्चे पर नही
लगा सकता |
2)
बच्चे की क्षमता - होमेस्कूलिंग मे बच्चे की क्षमता के हिसाब से पढ़ाया जा सकता हैं, परन्तु विद्यालय मे पाठयक्रम तय होता हैं और कई बात कम क्षमता वाले बच्चे इसे समझ नहीं पते और पीछे रह जाते है |
3)
किफायती - होमेस्कूलिंग मे पढाई का खर्चा काफी किफ़ायती होता हैं, क्यों की आप इसमे रोज़ा के आने जाने का खर्चा, यूनिफार्म का ख़र्चा, एक्टिविटी फीस और ऐसे ही कई अनावश्यक खर्चो से बच जाते है |
4)
बच्चों की सुरक्षा - होमेस्कूलिंग के द्वारा अपने बच्चों को दूसके बच्चों की बदमाशियों से बचा सकते हैं, बच्चो के प्रति हो रहे गुनाहों से भी बचा जा
सकता हैं |
5)
चरित्र / नैतिकता का विकास - होमेस्कूलिंग मे माता-पिता का बच्चों पर सम्पूर्ण ध्यान होने से उनकी चरित्र / नैतिकता के विकास पर पूरा ध्यान दिया जा सकता हैं | विधायालये मे पूर्ण तरह से बच्चो का चरित्र / नैतिकत विकास थोड़ा मुश्किल हैं|
6)
पोषण का ख्याल रखा जा सकता है - होमेस्कूलिंग से बच्चों के अच्छे एवं समय पर खाने पीने
का धयान रखा जा सकता हैं; जिसका विधयालय मे ध्यान रखना मुमकिन नहीं हो पाता |
7)
स्वच्छता - होमेस्कूलिंग मे घर पर होने से साफ़ सफाई की कोई चिंता नहीं होती; पर अगर बच्चे विद्यालय मे है तो चिंता लगी ही रहती हैं जैसे - खाने से पहले हाथ धोया होगा या नहीं, शौचालय मे हैंड वाश होगा इत्यादि...|
8)
अन्य काम में सक्रिय - होमेस्कूलिंग से बच्चे केवल पढ़ते ही नहीं बल्कि घर पे रहने से वह बाकि कामो मे भी माता पिता का हाथ बंटाते हैं , जैसे बगीचे मे पानी डालना, खाना लगाना , सामान जगह पर रखना इत्यादि ..|
9)
समय बचाने वाला - होमेस्कूलिंग से हम काफी समय बचा सकते हैं; जैसे तैयार होने का समय, आने जाने का समय, ट्रैफिक का समय और इसको अन्य आवश्यक कार्यो मे लगाया जा सकता हैं |
10) अनावश्यक थकान से उबरें - विद्यालय दूर होने से आने जाने मे बच्चे बहुत थक जाते है जबकि होमेस्कूलिंग से आप बच्चों को अनावश्यक थकान से बचा सकते हैं |
11) अन्य गतिविधि - समय,थकान एवं धन बचने से बच्चे कई दूसरी कलाये भी सिख सकते हैं; अन्य गतिविधियों की कक्षाएं भी जा सकते हैं |
होमस्कूलिंग मे एक साथ अधिक समय बिताने से बच्चे और माता-पिता की एक-दूसरे के प्रति समझ मजबूत होती हैं | घर पर ही पढ़ाने से माता-पिता एवं बच्चो पर होमवर्क का कोई दबाव नहीं रहता |
होमस्कूलिंग के नुकसान –
1) अलगाव - होमवस्कूलिंग मे एकल पढ़ने की वजह से बच्चे अपने आप को अकेला महसूस करने लगते हैं |
2) समय निकलना - बच्चों को पढ़ाने के लिए नियमित तौर पर माता-पिता को समय निकलना पड़ता हैं और इसके लिए अपने अन्य दूसरे कामो को रोकना पड़ता हैं |
3) शारीरिक गतिविधि की कमी - विद्यालयों मे शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रत्येक दिन व्यायाम या कोई भी खेल, नृत्य इत्यादि कराया जाता हैं ताकि शरीर मे स्फूर्ति बनी रहे, परन्तु होमेस्कूलिंग मे प्रत्येक दिन ऐसा कर पाना थोड़ा मुश्किल होता हैं |
4) एक व्यक्ति का पूर्णसमर्पण - होमेस्कूलिंग कराने के लिए परिवार के किसी एक सदस्य को अपने सभी कार्यो को छोड़ कर बच्चे की पढ़ाई के प्रति पूर्ण समर्पित होना पड़ता है, एकल परिवार मे माताओं को अपनी नौकरी छोड़नी पढ़ी हैं और इस वजह से घर की आमदनी पर प्रभाव पड़ता हैं |
5) बहु संस्कृति खुलापन - बच्चों को विद्यालय मे आये दूसरे बच्चों के साथ मिलना-जुलना और समय बिताना होता हैं एवं विद्यालयों मे सभी त्योहारों को मनाया जाता हैं जिससे वह बहु संस्कृतियों को समझते हैं| परन्तु होमेस्कूलिंग मे वह केवल अपने घर परिवार और अपनी संस्कृति मे ही रहते हैं और इस वजह से उनको बहु-संस्कृति का अंदाज़ा ही नहीं हो पाता |
6) अनुशासन - विद्यालय मे बच्चे शिक्षक के होने से घर से ज्यादा अनुशासन मे रहते हैं, परन्तु अगर घर ही विद्यालय बन जाये तो बच्चों को बात मनवाना थोड़ा मुश्किल होता है | होमेस्कूलिंग मे यह सबसे बड़ी समस्या होती हैं |
7)
समाजीकरण - मनुष्य एक सामाजिक प्राणी हैं और हमे अपने बच्चों को समाज से जोड़ना चाहिए न की अलग कर देना, होमेस्कूलिंग से बच्चों ज्यादा से ज्यादा अपने आस पड़ोस को जानते हैं परन्तु विद्यालय जाने से उसका सामाजिक दायरा बहुत बढ़ जाता हैं और उनको समाज मे व्यवहार करने की समझ आती है |
8)
सिखाने से पहले सीखें - होमेस्कूलिंग मे माता-पिता को बच्चों को सीखने से पहले स्वयं ही विषय का अध्ययन करना पड़ता हैं, क्यों की उनके ज़माने से आज अध्ययन मे बहुत सारे बदलाव आ चुके हैं |
9)
छात्र जीवन का अनुभव - हम सभी के जीवन का बेहतरीन समय हमारा छात्र जीवन होता हैं, रोज़ लंच शेयर करना, एनुअल डे की प्रैक्टिस, परेड मे भाग लेना, सुबह की प्रेयर, पनिशमेंट, स्पोर्ट्स डे (annual day, participating in parade,
morning prayer, Punishment, sports day) इत्यादि ... | होमेस्कूलिंग करने वाले बच्चों को यह अद्भुत अनुभव नहीं हो सकते |
10) स्थायी तनाव - होमेस्कूलिंग मे माता पिता हमेशा बच्चे के भविष्य की चिंता मे लगे रहते हैं| जीवन सदैव उलझन में ही रहता हैं की अच्छी नौकरी मिलेगी या नहीं कुछ बन पायेंगे या नहीं इत्यादि |
11) माता-पिता vs शिक्षक - माता-पिता कितना भी चाहें वह कभी शिक्षकों की विशेषज्ञता नहीं पा सकते क्योंकि वह इस क्षेत्र में विशिष्ट हैं; वह छात्रों के मनोविज्ञान को अच्छे से समझते हैं एवं जानते हैं कि उन्हें कैसे शिक्षित करना हैं |
सभी माता पिता अपने बच्चे को सबसे अच्छा देना और उनके लिए सबसे बेहतर चुनना चाहते है | होमेस्कूलिंग हो या विद्यालय जाकर शिक्षा ग्रहण करना दोनों के अपने ही फायदे और नुकसान हैं | माता पिता को अपने और अपने बच्चे के स्वभाव को जान कर यह फ़ैसला लेना चहिए |
सभी पहलुओं का विश्लेषण करें और सोचें कि आपके बच्चे की जरूरतों को सबसे बेहतर तरीके से कहा पूरा किया जा सकता है और उसी के अनुसार अपना निर्णय ले|
आज इसी के साथ आपसे विदा लेती हूँ |
DeepTea




My Son missing School.😌
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DeleteYes every child loves going to school n meeting their friends
DeleteI have mid way option online hone schooling, now days its easy to have best teacher for online studies... Safty, plus quality, no extra fees fir infrastructure. And extra activities r also on line, like dance, singing, Martial art....
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DeleteBut still school is school, no comparision with virtual online classes. Going to school is fun and best experience for a child
DeleteYes
DeleteThere are only few advantages of home schooling but many disadvantages. For a time being it is good. But for long run...schools are the best they learn many things.
ReplyDeleteWonderful read 👏👏
ReplyDeleteबच्चों का सम्पूर्ण विकास तो स्कूल में ही संभव है | ये बात और है कि गुरुकुल की जगह स्कूल ने ली, स्कूल को कुछ औऱ प्रतिस्थापित कर दे लेकिन होम स्कूलिंग, स्कूल कि जगह नहीं ले सकता |
ReplyDeleteThank you Sudha, very true
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