8 सबसे आम पछतावे जो लोगों को जीवन के अंत में होता हैं - 8 most common regrets that people have at the end of life

8 सबसे आम पछतावे जो लोगों को जीवन के अंत में होता हैं - 8 most common regrets that people have at the end of life

जीवन उतार चढ़ाव का एक सिलसिला है, और इस खींचा तानी मे कुछ निर्णय, कुछ गलतियां ऐसी हो जाती हैं तो जानबूझ कर तो नहीं की जाती पर हमे जीवन के अंत मे पछतावे मे डाल देती है। ये गलतियाँ सही और गलत का अंदाजा ना लग पाने से हो जाती हैं और यही जीवन के अंत में हमें ग्लानि और पछतावे से भर देती हैं।

जीवन का अंत एक ऐसा समय होता है जब आप ना तो आपसे हुई गलतियों को सुधार सकते हैं और ना ही उनके लिए क्षमा मांग सकते हैं; और रह जाता है तो सिर्फ और सिर्फ पछतावा।

"Regret is a form of punishment itself." - Nouman Ali Khan

आइए बात करते है ऐसे ही कुछ पछताओं के बारे मे जिनको अगर समय रहते नहीं समझा या सुधारा गया तो जीवन के सुनहरे पड़ाव मे आप भी सभी की तरह असमर्थ और असहाए होने के कारण केवल  पछतावे के अलावा कुछ नहीं कर पाएँगे 

1.          काश मैंने थोड़ा जोखिम उठाए होता - I wish I had taken little risk

इंसान आराम का जीवन चाहता है और उसको सुविधा मिल जाने पर वह जीवन में नए जोखिम नहीं उठता। आप इसको सब कुछ खो जाने के डर का नाम भी दे सकते हैं; परंतु समय रहते जोखिम ना उठाने के कारण आप कई बेहतरीन मौको से हाँथ धो बैठते हैं। जीवन मे सही समय पर उठाया गया कदम ही आपको सफलता दिला सकता हैं। जीवन के अंतिम पड़ाव पर सही समय पर आगे बढ़कर जोखिम ना ले पाने का दुःख रह जाता हैं।

2.          काश मैंने अपनी सेहत का ख़याल रखा होता - I wish I had taken care of my health

कहते हैं “Health is Wealth - स्वास्थ्य ही धन हैं" सोचिए आपके पास गाड़ी हो, बंगला हो, नौकर हो, बच्चे हो, दुनिया की सभी सुख-सुविधा हो पर आपका शरीर ना चल रहा हो तो इन सबका क्या लाभ? इंसान जीवन की दौड़ मे स्वस्थ को टेढ़े हाथ लेता हैं; जैसे - समय पर ना खाना, पानी नही पीना, नाश्ता छोड़ कर दफ़्तर चले जाना, प्रति-दिन व्यायाम ना करना, कुछ भी खा लेना इत्यादि.... कुछ समय बाद आपका स्वस्थ आपका साथ छोड़ देता हैं और आप लाचार एवं असहाय हो जाते हैं याद रखे शरीर उस इमारत की तरह है जिसकी नींव अगर ठीक नही हुई और अगर उसको समय-समय पर रखरखाव / देखभर नही मिली तो इमारत कमज़ोर पड़ कर ढह जाएगी

3.          काश मैंने अपने चाहने वालो के लिए थोड़ा और समय निकाला होता - I wish I had taken some more time for my loved ones

जीवन की भाग दौड़ और सब कुछ पा लेने की लालसा मे इंसान दिन और रात मेहनत करता रहता हैं परंतु इसमे अपने प्रियजनों को समय एवं उनको भावनात्मक सहारा नहीं दे पाता जिसके कारण रिश्तों मे फ़ासले आने लगते हैं और इसको समझ पाना इंसान की समझ के परे होता हैं। जब तक आप यह महसूस करते हैं की आपको रिश्तो को संभालना चाहिये तब तक तो चीज़े आपके हाथ से निकल जाती हैं। परिवार, दोस्तों, प्रियजनों के लिए अपनी व्यस्त दिनचर्या मे से समय निकाले और रिश्तों में मजबूती बरकरार रखे।

4.          काश मैंने किसी की परवाह किए बिना वो किया होता जो मुझे करना पसंद था - I wish I had done what I loved regardless

जीवन मे आने से लेकर जाने तक हम सिर्फ़ सबकी बात सुनते और मानते चले जाते हैं चाहे वह हमारे माता-पिता हो या भाई बहन या पड़ोसी या पति या पत्नी या अध्यापक या दोस्त आदि; मैं ये नहीं कहती की वह सब ग़लत बोलते हैं परंतु आप कब तक दूसरों के दिखाए हुए रास्ते पर चलते रहेंगे। पेशा चुनना हो या जीवन साथी सब आपने किसी की बात को मान कर या दूसरों की तरह बनाने के लिए कर लिए परंतु स्वयं की पसंद को कभी पहचानना ही नहीं और यही बात जीवन के अंत मे इंसान को खलती हैं की उसने अपनी मन की कभी सुनी ही नहीं

5.          काश मैंने चिंता मे समय ना गवाया होता - I wish I had not spent time worrying

समय बहुत महत्वपूर्ण हैं और इसको अगर सिर्फ़ चिंता मे गावा दिया तो उसकी आप कभी भरपाई नहीं कर पाएँगे चिंता एक ऐसा अंधेरा रास्ता हैं जिसमे खो जाने के बाद आप बहुत समय तक बाहर नहीं पाते और अनमोल समय यों ही व्यर्थ चला जाता हैं जीवन के अंत मे समय ना रहने पर इंसान को चिंता मे बेकार किया हुआ समय याद आता हैं पर तब वह उस पर पछतावा के सिवा कुछ और नहीं कर पाता

6.          काश मैंने जीवन का कुछ समय यात्रा में लगाया होता - I wish I had spent some time of my life in travelling

इंसान सोचता हैं जीवन मे सभी जिम्मेदारियों से निपटने के बाद बचा हुआ समय यात्रा और घूमने पर लगाएँगे परंतु आज की जीवन शैली मे इंसान जल्द ही कई बीमारियों से ग्रस्त हो जाता हैं एवं जिम्मेदारियों और बीमारियों के रहते पैसे का भी अभाव हो जाता हैं तो ऐसे मे चाह कर भी वह यात्रा नहीं कर पाता और उसकी घूमने और नयी जगह देखने की इच्छा हमेशा के लिए समाप्त हो जाती हैं; जिसका मलाल उससे जीवन के अंत मे ज़रूर होता हैं

7.          काश मैंने उतने मे ही संतुष्टि महसूस की होती जितना मेरे पास था - I wish I had felt satisfied in whatever I was having

जीवन मे और पाने की होड़ मे लोग संतुष्टी का एहसास ही नहीं करते और इस दौड़ मे सब कुछ गवा देते हैं; अगर इंसान जो है उससे संतुष्ट होना सीख ले तो जीवन के आधे से ज्यादा पछतावे उससे कभी होते ही नहीं। जीवन के अंत मे लोगो को महसूस होता है की उन्होंने सब होने के बाद भी उसका मजा ही नहीं लिया। जीवन मे अगर संतुष्टी नहीं तो इतना सब पा कर भी आपने क्या प्राप्त कर लिया ?

8.          काश मैंने शंकाओं को दूर किया होता - I wish i had clarified the doubts

जीवन मे कई परिस्थितियां ऐसी आती है जब आपका आपके प्रियजनों से मतभेद हो जाता हैं और आप जीवन भर शंकाओं मे पड़े रहते है। वह तो आपको छोड़ कर चले जाते हैं पर आपकी शंका आपके साथ जीवन भर रह जाती हैं; जो जीवन के अंत मे आपको याद आती हैं पर आप उस वक़्त कुछ कर नहीं पाते। समय रहते ही अपने मतभेदों, शंकाओं और मनमुटाओं को दूर कर लेना से ही आप शांति मे रह सकते हैं। 

“Regret is such a short word…
And yet it stretches on forever”
Ranata Suzuki


आप भी अगर अपने जीवन में कोई पछतावा ले कर चल रहे हैं तो उसको समय रहते सुधरने की कोशिश करें ताकि आपकी वृद्ध अवस्था में जीवन पछ्तावों से रहित हो और आप शांति पूर्वक रह पाये

इसके साथ आज आपसे विदा लेती हूँ और नयी सोच के साथ फिर मिलती हूँ |

DeepTea 


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