बच्चों को होशियार कैसे बनाएं? – How to make kids Smart ?


बच्चों को होशियार कैसे बनाएं? – How to make kids Smart ?


बच्चे एक कोमल पौधे की तरह होते हैं जिन्हें ज्यादा सहारे और मदद की ज़रूरत होती है ताकि उनकी जड़ मजबूत हो जाये; और जैसे ही जड़ मजबूत हुई वह आराम से एक मजबूत पेड़ की तरह किसी भी परेशानी को झेल सकते हैं | इसी तरह अगर बच्चों को शुरू से होशियार बना दिया जाये तो वह जीवन की किसी भी चुनौती को पार कर पायेंगे| 

बाल विकास विशेषज्ञ और न्यूरोसाइंटिस्ट की माने तो बच्चों की शुरुआती उम्र उनको होशियार बनाने का सबसे महत्वपूर्ण समय हैं, अगर माता-पिता इस समय का पूरी तरह से उपयोग करें तो बच्चों को स्वाभाविक रूप से होशियार बनाया जा सकता हैं | बच्चों का 90% दिमाग 5 साल की उम्र तक पूर्ण विकसित हो जाता है, और ज्यादातर माता-पिता इस समय को उपयोग ही नहीं करते|

हम सभी अपने बच्चों को होशियार बनाना चाहते हैं पर उनके अमूल्य समय को टीवी, मोबाइल, वीडियो गेम्स इत्यादि मे व्यर्थ जाने दे रहे हैं| पहले ये समझ ले की आप ही आपके बच्चों के माता-पिता हैं, टीवी, मोबाइल और वीडियो गेम जैसी चीज़ो का उनसे कोई रिश्ता नहीं | ऐसे मे माता-पिता को ही बच्चों को होशियार बनाने का बीड़ा उठाना पड़ेगा और इसके लिए अपने समय और ऊर्जा को लगाना पड़ेगा|


ऐसे ही कुछ तरीको के बारे मे आज हम बात करेंगे जिनको अपनाने से बच्चों मे होशियारी विकसित कराई जा सकती हैं | परन्तु ये सभी लम्बे समय तक नियमित तौर पर करने से ही कुछ लाभ प्राप्त होगा |

1)     स्वानुशासन - Self Discipline 

ये अत्यधिक आवश्यक है कि बच्चे एक तय समय पर सोये, खेले, खाये, पढ़े इत्यादि …; सबका समय निर्धारित करें| इससे बच्चों मे स्वानुशासन आएगा, वह अपने निर्धारित समय मे कार्य को पूरा करना सीखेंगे जिससे उनमे चतुराई बढ़ेगी |

2)     अति संरक्षित ना करें - Don’t over protect

बच्चों को गिरने दे, थोड़ा चोट लगने दे उनको कभी-कभी स्वयं भी उठने दे, उनको अपनी लड़ाई स्वयं लड़ने की और परेशानियों को थोड़ा झेलने कि आदत डलवाये | यदि आप उनकी रक्षा करते रहेंगे तो वे स्वयं से कठिनाइयों को पार करना कैसे जान पाएंगे ?और कैसे होशियार बन पाएंगे ?

3)     प्रयोग करने की आजादी - Free to experiment 

बच्चों का दिमाग सब जानना और समझना चाहता हैं, जिसके लिए वह कई बार अपने खिलोने तोड़ देते है, पेन खोल देते हैं, मिटटी से खेलते हैं इत्यादि ..| उनको ऐसा करने दे; इससे उनका दिमाग छोटी उम्र मे ही विज्ञान के कई महत्वपूर्ण लॉज़ Laws को समझलेता हैं; जो की उन्हें ज्यादा होशियार बनता हैं |

4)     तर्क कौशल - Reasoning skills 

तर्क कौशल से बच्चे अपने सोचने पर जोर देते है जिससे उनका दिमाग तेज़ होता है और वह होशियार बनते हैं, उनसे समय समय पर उलझे सवाल करें ताकि वह सोचे |

5)     ज्यादा कठोर ना बने - Don’t be too hard   

बच्चों को स्वतंत्र वातावरण मे रहने दे, ऐसा ना करो वैसा ना करो बार-बार कहने से उनका मस्तिस्क स्वयं को प्रतिबंधित कर लेगा और वह कुछ नया करने मे हिचकिचायेंगे जिससे उनका चतुर बनना संभव नहीं होगा | प्रयत्न करें जहाँ रोकना हो वही रोकें हमेशा "नहीं" नहीं कहें |

6)     उन्हें सवाल करने दे - Let them question

सवाल करने से जवाब मिलते है जिससे बच्चों मे समझ और होशियारी उत्पन्न करना बहुत आसान हो जाता हैं | उनके हर सवाल का जवाब दें कोई भी सवाल छोटा नहीं उनके लिए उसका उत्तर बहुत महत्वपूर्ण हैं |

7)     व्याख्या करने के लिए कहें - Ask to explain 

जब भी आपके बच्चे कोई अलग सा प्रयोग कर के आपको दिखाए तो उनको समझाने (विवरण) देने के लिए  कहें, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और होशियार बनने मे सहायता भी मिलती हैं |

8)     किताबे पढ़े - Reading book

बच्चों के लिए नैतिक कहानियाँ, साहसिक कहानियाँ इत्यादि को रोज़ उनको सुनाये या पड़ने को बोले इससे उनको दुनिया की समझ आती है और उनको समझना सीखना आसान हो जाता हैं |


9)     सामाजिक कौशल - Social Skills 

लोगो से मिलना बात करना, दोस्तों के साथ मिल जुल कर खेलना इत्यादि से बच्चों मे सामाजिक तोर तरीका आता है, वह बहिर्मुखी बनते है जिससे धीरे-धीरे उनमे समझदारी और होशियारी जाती हैं |

10)  उन्हें सोचने दें और अपनी समस्याओं को हल करें - let them think and solve their own problems

होम वर्क करना हो या जूते पहनना, हर समय आप अपने बच्चे की मदद करते हैं| बच्चों को अपनी समस्याऐ और सवालो से स्वयं ही निबटने दें उनकी क्षमताओं पर विश्वास दिखाए ये उनमे आत्मविश्वास उत्पन्न करेगा और उनको होशियार बनाएगा |

11)  शारीरिक गतिविधि - Physical activity 

कोई भी शारीरिक गतिविधि जैसे नृत्य, व्यायाम, खेलें इत्यादि से केवल शरीर ही नहीं दिमाग भी चुस्त और तंदरुस्त बना रहता हैं | जिससे बच्चे अच्छा सोच और समझ पाते हैं एवं चतुर बनते हैं |


12)  उन्हें अपनी भावना के बारे में बोलने दें - Let them speak about their feeling

बच्चों को अपनी भावनाओ को व्यक्त करना सिखाये, अपनी भावनाओ को दबाने से उनमे डर पैदा होता है और वह संकोची हो जाते हैं; जो उन्हें होशियार होने से रोकता हैं |

13)  अच्छी और समय पर नींद - Proper Sleep 

नींद के द्वारा मानव का मस्तिष्क अधिक सतर्क और सक्रिय बनता है | जीवन के शुरुआती दौर मे इसका बहुत महत्व होता हैं | अपने बच्चों के लिए नींद का समय तय करें|

14)  माता-पिता के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध - Cordial relationship with parents

बच्चे बहुत भाव वाले और कोमल ह्रदय के होते हैं, घर का वातावरण शांत और प्रेम से भरा होने से ही बच्चे मे सुरक्षा का भाव आता है; जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता हैं| माता पिता के बीच का रिश्ता और उनसे बच्चे का रिश्ता सद्भावना और भावनाओं से भरा होना चाहिए |

15)  गणित सिखाएं और छोटी-छोटी बातों के पीछे विज्ञान को बतायें - Teach Maths & explain Science behind small things

छोटी उम्र मे गणित सीखने से बच्चों की तार्किक एवं कठिनाइयों को हल करने की क्षमता बढ़ती हैं |
विज्ञान हर जगह होता हैं बच्चों को छोटे से छोटे विज्ञान के बारे मे समझाए इससे उनमे धैर्य और दृढ़ता आएगी और नया जानने और करने की जिज्ञासा बढ़ेगी |

16)  घर की गतिविधियों मे हाथ बताये  - Help Home Core activities

घर के कामों मे बच्चों की मदद ले इससे वह जिम्मेदार बनते हैं और उनको समझ आता है की कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता| एक साथ मिल के काम करना और काम समय पर पूरा करने का कौशल सीखते हैं, जो उनको होशियार बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं |

17) प्रशंसा करना – Praise

बच्चों को उनकी हर उपलब्धि पर सराहे, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा एवं उनमे और भी ज्यादा कोशिश करने की जिज्ञासा उत्पन्न होगी| उनको हर चतुराई दिखने पर जरूर तारीफ करें और हमेशा समझदारी और होशियारी से कार्य करने को प्रोत्साहित करें |

18)  पोषक भोजन - Nutritious food

पोषक आहार दिमार को सुचारु रूप से चलाने के लिए बहुत आवश्यक हैं| कोशिश करें ज्यादा से ज्यादा ताज़ा और पौष्टिक आहार ही बच्चों को दें, Junk food - biscute, pizza, noodles, burgers इत्यादि से उनकी दुरी बनाये |

19)  प्रकृति - Nature

प्रकृति के करीब रहने से बच्चों का सम्पूर्ण विकास होता हैं, खुली हवा मे सांस लेना और बारिश के एहसास को कोई टीवी का प्रोग्राम और कोई वीडियो गेम पूरा नहीं कर सकता | बच्चों को प्रकृति मे प्रति दिन थोड़ा समय बिताने को कहे |


20)  उन्हें अर्जित करने दें - Let them earn it

बच्चों के मांगते ही तुरंत माता-पिता वह चीज़ उनको प्रदान कर देते हैं, इस तरह से बच्चे हर चीज़ हलके मे लेने लगते हैं| उनको किसी भी चीज़ का कोई मूल्य नहीं रहता| बच्चों को उपलब्धि प्राप्त करने के बाद ही उनको उनकी मान पसंद चीज़ दिलाये; इससे उनको पैसे का मूल्य पता चलेगा एवं वह कुछ नया प्राप्त करने की और भी अधिक कोशिश करेंगे|

I was a smart kid and I was not understood by my parents. - Woody Allen (American director, writer, actor, and comedian)

मैं एक चतुर बच्चा था और मुझे मेरे माता-पिता समझ नहीं रहे थे।-वुडी एलेन (अमेरिकी निर्देशक, लेखक, अभिनेता और कॉमेडियन)

आज इसी के साथ आप सबसे विदा लेती हूँ |

DeepTea

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