माता पिता और बच्चे के बीच संबंधों को मजबूत करने के 10 तरीके - 10 ways to Strengthen Parent-Child Relationships


माता पिता और बच्चे के बीच संबंधों को मजबूत करने के 10 तरीके - 10 ways to Strengthen Parent-Child Relationships



नमस्कार दोस्तों !!!

अगर हम नज़र डाले तो आज से 60-70 साल पहले ज्यादातर घर संयुक्त परिवार होते थे जहाँ बड़े सारे लोग, रिश्तेदार हुआ करते थे और बच्चे कैसे बड़े हो जाते थे पता ही नहीं चलता था; फिर कुछ 30-40 साल पहले की बात करें तो कुछ एकल परिवार हो गए और उनकी कुछ 3-4-5 बच्चे जो एक दूसरे को ही संभाल लेते थे | परन्तु आज ज्यादातर परिवार एकल परिवार ही है, जिनके कम कहो तो एक बच्चा और ज्यादा कहे तो दो बच्चे ही होते हैं| जीवन बहुत व्यस्त हो गया है और रिश्तेदार शायद शून्य, तो ऐसे मे बच्चों को देखना और समझना भी सिर्फ और सिर्फ माता पिता की ही ज़िम्मेदारी हो गयी हैं |

अगर छोटे परिवार के कुछ फायदे है तो काफी नुकसान भी; आज बच्चों की अच्छी परवरिश करना एक बहुत मुश्किल काम हो गया हैं | माता-पिता - घर, ऑफिस, सोसाइटी, स्कूल इत्यादि के कार्यों मे इतने व्यस्त हो जाते हैं की बच्चों से बात करने और उनसे करीबी रिश्ता बनाने का समय ही नहीं निकाल पाते; पर आगे चलकर इससे उन्हें केवल पछतावा ही हासिल होता हैं और कुछ नहीं |

माता-पिता सोचते है की वह अपने बच्चों के लिए सबसे बेहतर कर रहे है और उन्हें किसी भी सुधार की कोई जरुरत नहीं क्यों की वह बच्चों का अच्छा ही चाहते हैं; परन्तु इस सोच मे ही सुधार लाना सबसे जरुरी हैं | महंगे खिलौने दिला देना, घूमने के लिए हॉलिडे पैकेज कर लेना, महीने मे एक बार मॉल और शॉपिंग करा देना, यह सोच की  इतनी ही ख़ुशी से बच्चे और आपका सम्बन्ध मजबूत होगा ?; लेकिन ये सब तो बच्चों को केवल ऊपरी ख़ुशी ही प्रदान करते है| हमारा हमारे बच्चों से रिश्ता केवल वीकेंड्स (weekends) का नहीं हैं, वह हमारे अभिन्य अंग है जिन्हे हमारे निरंतर समय, सहारे और समझ की जरुरत होती हैं |

क्यों जरुरी है माता पिता - बच्चे के बीच एक मजबूत रिश्ता होना ?

Why it is important to have a strong relationship between parents and children?

बच्चे का अपने माता-पिता से गहरा रिश्ता ही उन्हें मानसिक रूप से जीवन मे सुरक्षित महसूस करने के लिए तैयार करता है| ऐसे ही बच्चे जीवन को पूरी तरह जीते है, अपनी रचनात्मकता का पूर्ण उपयोग करते हैं एवं वह बेहतर निर्णय लेने मे सक्षम होते है| उनका जीवन के प्रति विश्वास बढ़ता हैं और वह सकारात्मकता को जीवन मे महत्व देते है |

आईये समझे ऐसे ही कुछ तरीको को जिससे आप बच्चे के साथ अपना रिश्ता और भी गहरा एवं मजबूत बना सकते हैं

10 ways to Strengthen Parent-Child Relationships -


1)    एक अच्छे श्रोता बने - Be a good Listener
सुनना मैनेजमेंट की पढाई मे सिखाया जाता हैं, पर हम इसको अपने असल जीवन मे कभी लागू नहीं करते | बच्चों को हमे पहले सुनना होगा, उनकी गलती होने पर भी पहले उनको सुने, ऐसे सुने जिससे उनको विश्वास हो की आप उनको समझ रहे हैं| उनकी आँखों से आँख मिला कर बात करें, उन्हें अपनी बात रखने का पूरा समय दे और उसके बाद ही कुछ बोले |

2)    खेल - Play
बच्चों के लिए खेल बहुत जरूरी होता हैं; इससे उनमे सिखने, समझने, महसूस करने और तालमेल बनाने की क्षमता बढ़ती हैं| बच्चों के साथ उनके खेल मे शामिल हो इससे आपके बीच का जुड़ाव बढ़ेगा | खेल चाहे कुछ भी हो वह उनके लिए उनकी दुनिया होती हैं - चाहें वह गुडियो से खेलना हो, ब्लॉक्स बनाना हो, सुपर हीरो जैसे अभिनय करना हो, कैरम बोर्ड, चैस, बाहर पतंग उड़ाना, फुटबॉल खेलना या घर-घर खेलना | खेल उनके लिए उनकी दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, उनके साथ इसमें शामिल होकर आप उनसे अपना रिश्ता मजबूत कर सकते हैं |

3)    उनसे सीखें - Learn from them
क्या आपने कभी अपने बच्चों से कुछ सिखने की कोशिश की हैं? उनमे एक अलग सी समझदारी होती हैं, वह आपको बहुत अच्छे से समझते हैं एवं उचित कारण देते हैं| यह उनमे विकसित हो रही समझदारी का नतीजा हैं और इसको माता पिता को सदैव बढ़ावा देना चाहिए जिससे उनमे नेतृत्व कौशल (Leadership Skills) विकसित होगा |

4)    उन्हें अपना प्यार दिखाएं - Show them yours love
आप बच्चों को प्यार करते है क्या ये सोचते रहने से ही उनको पता चल जायेगा की आप उनसे प्यार करते है ? यह आपको उन्हें रोज़ दिखाना और जाताना भी पड़ेगा | कोई भी उम्र हो सभी बच्चों को अपने माता पिता से प्यार की उम्मीद होती हैं और इसकी जरुरत सबसे अधिक तब होती है जब किसी बात पर आपका उनसे मतभेद हो | उनसे अपना प्यार जरूर और बार-बार जाहिर करें और अपने रिश्ते को और भी मजबूती दे |

5)    उनकी पसंद का सम्मान करें - Respect their choices
आप सभी अपने बच्चों को आत्म निर्भर बनाना चाहते हैं, परन्तु उनकी छोटी से छोटी एवं बड़ी से बड़ी पसंद को सबसे पहले आप स्वयं ही अस्वीकार कर देते हैं | ये अच्छा नहीं हैं, ये ठीक नहीं है, ये इसके साथ नहीं चलेगा, ये गलत पसंद हैं इत्यादि…… ; Common Dialogs होते हैं जब वह अपनी कोई भी पसंद आपके सामने लाते हैं; चाहे वह कपडे हो, जूते हो दोस्त हो, दोस्त हो, यहाँ तक की जीवन साथी चुनना भी गलत ही होता हैं | उन्हें सोचने की आज़ादी दे, उनकी पसंद को सराहे एवं उसका सम्मान करें, यह आपके साथ आपके बच्चे के रिश्ते को मजबूत करेगा।

6)    उन्हें अपने दिन का विशिष्ट समय दें - Alot specific time of your day to them
आज जीवन बहुत व्यस्त हो गया है साँस लेने की भी फुर्सत नहीं होती, ऐसे मे बच्चों को ज्यादा से ज्यादा समय देना तो असंभव लगता है; परन्तु कोशिश करके अपनी पूरी दिनचर्या मे से एक समय सिर्फ और सिर्फ अपने बच्चे के लिए निर्धारित करें, इससे बच्चे को भी मन मे संतुष्टि होती है की माता-पिता सिर्फ उसको ही इस समय पे सुनेंगे| इससे उनका आपके साथ रिश्ते मे विश्वास बढ़ता है | मैंने स्वयं अपने बच्चे के लिए रात का समय निर्धारित किया हुआ हैं, जो उसका पसंदीदा समय बन गया हैं |

7)    सहानुभूति - Empathize
बच्चों की भावनाओं के बारे मे समझे और वह क्या महसूस कर रहे है उसके बारे मे उनसे बात करें | माता-पिता को उनके मन के भावनाओं की हलचल को समझना पड़ेगा और उसे कैसे व्यक्त करें ये भी बताना पड़ेगा | सहानुभूति से भावनात्मक सहारा मिलता है जो उनका व्यक्तित्व निखरता है और आपका उनसे रिश्ता भी बेहतर बनता हैं |

8)    उनसे मदद मांगे - Ask for their help
माता-पिता के लिए बच्चे हमेशा छोटे ही रहेंगे लेकिन अगर उन्हें ज़िम्मेदार व्यक्ति बनाना है तो उन्हें काम सौंपना होगा या अपनी दैनिक मुख्य गतिविधियों में उनसे मदद लेनी होगी| घर के छोटे-छोटे काम जैसे बर्तन लगाना, कपडे तह करना, सब्जी निकाल कर देना, खाना बनाने मे मदद लेना, घर की सफाई मे मदद लेना इत्यादि जरूर कराये; इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वह सभी कार्यो को पूरी ज़िम्मेदारी से निभायेंगे | समय-समय पर उनकी मदद एवं प्रयासों की सराहना करना ना भूले |

9)    साथ में भोजन करना - Eating together
परिवार के सभी सदस्यों को कम से कम एक भोजन को साथ मे करने की कोशिश करनी चाहिए; रोजाना ऐसा करने से आप पूरे दिन की दिनचर्या एक दूसरे से बांट सकते है एवं बच्चों से भी पूछ सकते है की उन्होंने पुरे दिन क्या-क्या किया | इस समय का उपयोग कर उनसे जुड़ने का प्रयास करें उनके दोस्तों के बारे मे पूछे, स्कूल मे क्या-क्या हुआ ये जाने, उनको लंच कैसा लगा, अगले दिन क्या खाने का मन हैं इत्यादि..... |

10) उन्हें अपनी दुनिया समझे - Treat them as they are your world
अपने दिल से पूछे की आप दिन भर की भाग दौड़ किसके लिए कर रहे हैं ? बच्चे को अगर समय ना दे पाए तो इतना सब करने का क्या फायदा ? कैसे भी अपने बच्चों के लिए दिन भर मे ज्यादा से ज्यादा समय निकाले, जब भी वह कुछ पूछे उन्हें आँखों मे आँखे डाल कर उत्तर दे, जब भी एक साथ बिताने के लिए समय मिले तो उसका पूर्ण उपयोग कर अपने रिश्तो को मजबूत बनाने की कोशिश करें |


रिश्तों को मजबूत बनाने मे समय का बहुत महत्त्व हैं, समय रहते ही रिश्तों को संभाले और उन्हें मजबूत करने की कोशिश मे लगे रहे; क्योंकि अगर समय पर रिश्तों मे आये खिचाव, दरार या अन्तर को ठीक नहीं किया गया तो उनके बिखरने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं |

आज इन्ही विचारो के साथ आपसे विदा लेती हूँ

DeepTea

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