आप चाहते हैं कि लोग आपका सम्मान करें? दूसरे से सम्मान अर्जित करने के 10 तरीके - Want People to respect you? 10 ways to earn respect from others

आप चाहते हैं कि लोग आपका सम्मान करें? दूसरे से सम्मान अर्जित करने के 10 तरीके - Want People to respect you? 10 ways to earn respect from others

नमस्कार दोस्तों !!!

आप अपने जीवनकाल में कई लोगों के लिए परिश्रम करते हैं; जैसे परिवार के लिए, दफ्तर मे Target हासिल करने के लिए | दिन क्या और रात क्या, आप सदैव दूसरों की ख़ुशी मे अपनी ख़ुशी ढूढ़ते हैं और इन सब के बदले केवल सम्मान की ही अपेक्षा करते हैं; परन्तु कई बार यह ख़ुशी आसानी से नसीब नहीं होती | ऐसा क्यों होता है की पूरी कोशिश करने पर भी आपको दूसरों से सम्मान की प्राप्ति नहीं हो पाती?

आसान शब्दों मे कहे तो "सम्मान एक देना-लेना की प्रक्रिया है, यदि आप दूसरों को सम्मान दे नहीं सकते, तो दूसरों से भी सम्मान कि अपेक्षा ना करें" | अत्यधिक परिश्रम करते-करते आप कई दफा सोचते है की सिर्फ आप ही काम करते रहते हैं, दिन-रात सबके लिए परिश्रम करने मे लगे हैं और इस सोच के कारण आप दूसरों के प्रयासों को अनदेखा कर देते हैं; जब आप स्वयं दूसरों को कम और छोटा आंकने लगेंगे तो दूसरे भी आपको सम्मान देना बंद कर देंगे |

Respecting others is best tool to earn respect. - Junaid Raza

पारिवारिक रिश्ता हो या official रिश्ता सभी मे सम्मान का देन-लेन एक प्रमुख भूमिका निभाता है; सम्मान प्राप्त करना सीधे तौर पर आपके व्यवहार, आपके दृष्टिकोण और आपके कार्य करने के तरीको से संबंधित होता है|

आईये जाने दूसरों से सम्मान प्राप्त करने के लिए क्या किया जाये और क्या करने से बचा जाये - Let's know what to do and what should be avoided to get respect from others –

1)  दिमाग खुला रखे और नए बदलाव के लिए तैयार रहे - Keep your mind open and be ready for new change's

बदलाव पृथ्वी का सच है और आपको इस सच के साथ चलना चाहिए | आपने देखा होगा कि कुछ लोग नए नज़रिये नए विचारों के साथ सहज नहीं होते वह सदैव अपने ज़माने मे ही रहना चाहते हैं; ऐसे करने से वह पिछड़े ही रह जाते है और उनके साथ के लोग आगे बढ़ जाते हैं; तो ऐसे मे इन व्यक्तियों के प्रति लोगो मे सम्मान कम या ख़तम हो जाता हैं | समाज के साथ चले सदैव आगे बढ़ते रहने और नया सीखते रहने की कोशिश करते रहे |

2)  सीमा मे रह कर बात करें - Talk in Limits

कई बार व्यक्ति बात करते समय अपनी सीमाओं को भूल जाता हैं, किससे कितनी बात करनी है, क्या बोलना हैं और क्या नहीं इसका कोई ध्यान नहीं रहता | दफ्तर हो या घर जहाँ भी गप्पे करने को मिले बिना सोचे शुरू हो जाना; ऐसे लोगो को निराधार समझा जाता है और ऐसे व्यक्ति को सम्मान नहीं मिलता | आप कोशिश करें बात करते समय विषय विहीन ना हो, मर्यादा और संयम मे रह कर बात करें, ज्यादा सुने और जितनी जरुरत हो उतना ही बोले |

3)  दूसरों के विचारों, प्रयासों और समय का सम्मान करें - Value others ideas, efforts and time

जब लोग घर या दफ्तर मे आपके लिए या आपके साथ काम करते है तो आपको उनके विचारों, प्रयासों और समय के लिए उनको सराहना चाहिए | उनका आपके साथ काम करना उनकी मज़बूरी नहीं होती यह उनका आपके प्रति समर्पण होता है जो उनको आपसे बंधे रखता हैं; उनके इस समर्पण का सम्मान करें | जो विचार वह आपके समक्ष ला रहे है जो प्रयास वह आपके लक्ष्य को पूरा के लिए कर रहे हैं और जो समय वह आपको दे रहे है वह सराहना के लायक है इन सभी बातों का सम्मान करें और उनका मान रखे तभी आपको भी उनसे सम्मान हासिल होगा |

Respect others time if you want your time to be respected. – Ruchitha Deshoju

4)  अपने शब्दों और वादों पर कायम रहें - Stick to your words and promises

हवा मे बातें, बिना सोचे समझे वादे कर देना और जब समय आये तो स्वयं के ही शब्दों को भूल जाना या उससे मुकर लेना | ऐसा करने वालो को कभी सम्मान नहीं मिल सकता हैं, बातों और वादों कि दूसरों के जीवन मे बहुत एहमियत होती हैं इस बात को समझे और अपने शब्दों पर कायम रहें |

5)  "नहीं" कहना सीखें - Learn to say “No”

इस बात को समझ लीजिये की "सभी बातों पर हामी भर देने से आपको सबसे सम्मान नहीं मिल जायेगा" आपकी हामी भरते ही आपकी उस व्यक्ति के प्रति प्रतिबद्धता बन जाती है और समय के आभाव या किसी कारण काम पूरा ना होने पर आपके हाँ का  कोई महत्त्व नहीं रह जाता | पहले सोचे क्या यह कार्य आप समय रहते पूरा कर पाएंगे अगर नहीं तो उसी समय ना कहे; इससे आपके प्रति लोगो के मन मे सम्मान बढ़ेगा ही ना की कम होगा

https://deeptea10.blogspot.com/2020/06/Learn-to-say-NO.html

6)  अपनी क्षमता पर संदेह के बिना अपने लक्ष्य का पालन करें - Follow your target without doubt on your ability

जब आप अपना लक्ष्य तय करते है तो उसके बाद ऐसा क्या हो जाता है की आप उस पर टिक नहीं पाते, आप दुबारा सोचने पर मजबुर हो जाते है या कई बार आप अपने लक्ष्य को ही बदल देते हैं ? इसका कारण होता है आपका अपनी क्षमताओं पर पूरा विश्वास नहीं होता | अपने लक्ष्य को सोच समझ एवं ठीक प्रकार से विश्लेषण कर के निर्धारित करें और उस पर पूरी निष्ठा से काम करें; चाहे पढ़ाई हो, दफ्तर का Target हो, खेल हो या घर का कोई कार्य | यह आपको दूसरों से बिना अतिरिक्त प्रयास के सम्मान अर्जित कराएगा |

7)  अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें - Control on your emotions

कई दफा स्थिति नियंत्रण के बहार हो जाती हैं, कई बार दूसरों की बात और विचार आपके गुस्से को इतना बढ़ा देते है की आप अपना आपा खोने लगते हैं; परन्तु जब ऐसी प्रतिक्रिया आपके व्यक्तित्व का हिस्सा बन जाती हैं तो यह आपको एक मुश्किल व्यक्ति बना देती हैं, जिसका पता नहीं चलता की वह किस बात पर वह बुरा मान जाये या किस बात पर वह भड़क जाये |

आप अपनी प्रतिक्रिया देते वक़्त थोड़ा समय ले और सोचे क्या ऐसा करना आवश्यक हैं? क्या बातों से इस मसले को हल नहीं किया जा सकता ? ऐसा करने से आप पाएंगे की आप बिना उत्तेजित हुए भी अधिकतर मसलों को शांति और धैर्य से संभाल सकते हैं | बिना बात अपना धैर्य ना खोये क्यूंकि आप इसके साथ स्वयं का सम्मान भी खो रहे हैं |

8)  समझिये कब माफी मांगनी चाहिए और कब नहीं - Know when to apologies and when not

इंसान जब अपने आपको कम आंकने लगता है और दूसरों को अपने से ज्यादा बेहतर मानाने लगता हैं तब वह हर छोटी से छोटी गलती पर मांफी मांगने लगता है| ऐसे व्यक्ति का कोई सम्मान नहीं करता बल्कि लोग इस प्रकार के व्यक्ति को अपनी निराशा निकलने के लिए इस्तेमाल करने लगते हैं | सोचे क्या गलती इतनी बड़ी है की आपको इस बात के लिए मांफी मांगनी चाहिए ?

एवं अपने आप को किसी से कम ना समझे अगर आपको उनकी जरुरत है तो उनको आपकी भी जरुरत हैं |

9)  दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें - Be ready to help others

स्वयं के अंदर मानवता रखे, जब भी लोगो को जरुरत मे देखे उनकी मदद के लिए तैयार रहे | मानवता ही सबसे बड़ा धर्म हैं और यह आपको किसी अनजान से भी सम्मान अर्जित कराएगा |

There is no respect for others without humility in one’s self. – Henri Frederic Amiel

10) दूसरों के साथ उचित व्यवहार करें और दुराचार ना करें - Behave properly with others, don't misconduct with others

आपका अच्छा व्यव्हार ही सदैव दूसरों को याद रहता हैं; अपने व्यव्हार मे सदाचार और सद्भावना लाये दूसरों की गलती पर उनको माफ़ करना सीखे| बिना पूरी बात जाने किसी पर ना भड़के एवं सबको उनका पक्ष रखने का मौका दे |

दुराचार कभी ना करें चाहे किसी ने कितनी भी बड़ी गलती क्यों ना कर दी हो परन्तु आप उनके प्रति अपना व्यव्हार ठीक रखे |

अपने व्यव्हार को सबके प्रति अच्छा रखे जिससे आपको दूसरों से सम्मान अर्जित हो |

11) सही के लिए खड़े रहे - Stand up for right

हमेशा सही का साथ दे और उसके लिए खड़े रहे क्यूंकि तभी आप स्वयं के साथ सही करेंगे, तभी आप किसी से डरे बिना और किसी के सामने झुके बिना अपना जीवन जी सकते हैं | जीवन साधारण होना बेहतर है ना की गलत का साथ दे कर ऐशो आराम का जीवन बिताना | दुनिया मे कई लोग इसका उदहारण हैं जिन्होंने विलासिता को त्याग सच की राह चुनी और एक साधारण जीवन जीया |

12)   अपने काम में सक्रिय रहें - Be active in your work

आदमी का नाम उसके काम से ही होता हैं; आपकी पहचान ही आपका काम, व्यवसाय, पेशा होता हैं इसलिए आप अपने काम मे चोरी ना करें | अपने काम को पूरे लगन और परिश्रम से करें एवं हर लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश मे लगे रहे | 

Treat people the way you want to be treated. Talk to people the way you want to be talked to. Respect is earned, not given. - Hussein Nishah

आज इन विचारों के साथ आपसे विदा लेना चाहूंगी |

DeepTea

Comments

  1. Simple tips yet if implemented accordingly, these would certainly help not only to earn respect but to be a better person n live sound n satisfied.👌👌.thanks again for such a beautifully written blog..👍

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  2. samman paya nahi jata balki arjit kiya jata he..........well written DeepTea.

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    1. Thank you Pranjal for your valuable comments 🙏

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  3. Well said, "Be ready for new changes. "👍

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    1. Thank you Sudha for your valuable comments 🙏

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