6 प्रभावी तरीके जीवन में शिकायत को रोकने के लिए - 6 effective ways to stop complaining in Life
6 प्रभावी तरीके जीवन में शिकायत को रोकने के लिए - 6 effective ways to stop complaining in Life
नमस्कार दोस्तों ! किसी का भी जीवन पूर्ण नहीं होता एवं सभी के जीवन मे कोई ना कोई कमी रहती ही है और यह कमी हमे आगे बढ़ते रहने को प्रेरित करती हैं, परन्तु कुछ लोग अपने जीवन की कमी और निराशा से सिर्फ दुखी होना जानते है एवं इससे हताश हो कर वह हर बात पर शिकायत करने लगते हैं | कई बार जीवन मे परिस्थतियाँ अनुकूल नहीं होती जैसे आपका अतीत, पारिवारिक रिश्ते, काम, स्वास्थ्य इत्यादि ठीक ना रहने से आपमे निराशा आ जाती है| ऐसा व्यक्ति जीवन के प्रति निराश और हतोत्साहित हो जाता है; कोई कितनी भी कोशिश कर ले परन्तु उनका जीवन के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण को बदला नहीं जा सकता | इस हताशा से परेशान हो कर वह हर एक बात पर सिर्फ शिकायत करने लगते है और धीरे-धीरे यह एक आदत का रूप ले लेती हैं |शिकायत करना वैसा ही है जैसे बिना कोशिश करे किसी रिश्ते को तोड़ देना और मेहनत ना कर पाए तो JOB छोड़ देना; किसी भी समस्या का हल उसे सुलझाने से आता है ना की उससे छोड़ देने से | शिकायत करते रहना आपकी वास्तविक समस्या का समाधान नहीं होता; आपको सोचना होगा की आप कब तक इस प्रकार अपनी समस्याओं को अनसुना करते रहेंगे | शिकायत करते रहने से आपकी दुनिया मे कोई अच्छा बदलाव नहीं आएगा बल्कि चीज़े और भी बिगड़ती जाएँगी, सोचे कितने समय तक आपके परिवार, आस-पास के लोग आपको संभालेंगे या समझेंगे; कभी ना कभी वह भी आपसे दुखी हो जाने वाले हैं |
आईये जाने आप कैसे कुछ आसान से तरीको से इस आदत को धीरे-धीरे ठीक कर सकते है - Let's understand how you can fix this habit
slowly in by some easy way's -
1. समायोजित करना और अनुकूलित करना सीखें - Learn to adjust and adapt
आप जिस वातावरण में आज है उसके अनुकूल ढलने की कोशिश करते रहे और उसी में बढ़ने की कोशिश करें| जीवन मे सब कुछ आपके मन मुताबिक नहीं हो सकता ये बात समझ ले; जो है उसको स्वीकार कर उसके अनुकूल ढलने की कोशिश करें | आप अपने वर्त्तमान मे ख़ुशी ढूंढेंगे तो आपके आस-पास का माहौल भी खुशनुमा हो जायेगा | सबके साथ मिलजुल कर रहने से ही आप अपना मन शांत रख सकते है एवं स्वयं का और दूसरों का भविष्य भी उज्जवल बना सकते है |
2. पहले से निर्णय ना लें और बिना जाने मन ना बनाये - Do not decide in advance and do not make up your mind
लोगो को गप्पे सुन्ना, चुगली करना अच्छा लगता है और आप बिना तथ्यों को जाने उनपर विश्वास कर लेते हैं| ऐसा ही कभी आपके साथ भी हो जाता है जब लोग आपके बारे मे भी दूसरों से बातें करने लगते हैं | कृपया लोगो के मतों पर ज्यादा ध्यान ना दे और अपनी मानसिक शांति को भंग ना होने दे | हमेशा अपने बल और अपनी क्षमता पर विश्वास रखे और बिना लोगो की परवाह किये आगे बढ़ते रहे |
https://deeptea10.blogspot.com/2020/08/How-to-Develop-Self-Belief-in-7-Steps.html
3. अपनी शिकायत करने की आदत को पहचाने और सुधार लाये - Identify and improve your habit of complaining
आपमें सुधार तब ही संभव है जब आप स्वयं अपनी बुरी आदतों को पहचानेंगे; समस्या तब आती है जब आप स्वयं के दुर्व्यहार को सही साबित करने मे लगे रहते हैं और इसको सामान्य एवं आम सी चीज़ घोषित कर देते हैं | आप अपने दिमाग मे ये भर लेते है की आपके व्यवहार में कुछ गलत नहीं है इसलिए आपका मस्तिष्क उससे निकलने का प्रयत्न नहीं करता | जैसे किसी भी बीमारी की पहचान करने के बाद ही उसका इलाज संभव है वैसे ही आपकी शिकायत की प्रकृति
(complaining nature) के साथ भी है; इसे पहचाने और निकलने की कोशिश करें |
4. समाधान खोजने का प्रयास करें - Try to find solution
आप जब भी किसी समस्या मे अटक जाते है तो चिढ़ना या शिकायत करना उसका समाधान नहीं होता; बल्कि उस समय समस्या का उपाय ढूढ़ना ही सही तोड़ हैं | मैं मानती हूँ की सभी समस्याओं या स्थितियों का हल संभव नहीं हैं ऐसे मे क्या करें जिससे मन मे शांति बरक़रार रहे ? तो उसका उत्तर हैं उस परिस्थिति/ समस्या को अपने आप सुधरने का समय दे; सब समस्याओं का निवारण समय के साथ मिल ही जाता हैं परन्तु हमारी जल्दी-जल्दी मे चीज़े बिगड़ भी सकती हैं। धैर्य रखे और समस्याओं का समाधान ढूढ़ने का प्रयास करते रहे एवं ध्यान दे की परिस्थिति आप पर हावी ना हो जाये |
5. खुद के प्रति जिम्मेदार बनें - Be Responsible towards yourself
आप सभी के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी अच्छे से निभाते हैं जैसे - परिवार के प्रति, समाज के प्रति, देश के प्रति इत्यादि.. परन्तु स्वयं के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भूल जाते हैं | स्वयं का आत्म-सम्मान, स्वयं पर भरोसा एवं स्वयं से प्यार करना ही याद नहीं रहता | हमेशा याद रखे आपका जीवन आपसे ही शुरू होता हैं अगर आप स्वयं से खुश नहीं, स्वयं का मन शांत नहीं, प्यार नहीं, सम्मान नहीं तो परिवार और दुनिया मे क्या बाँटेंगे ? अपने प्रति जिम्मेदार बने तो आपसे सम्बंधित दूसरों का जीवन स्वतः ही सुधर जायेगा |
6. खुद को खुश एवं सकारात्मक रखने की कोशिश करें - Try to keep yourself happy and positive
“जब स्वयं का घड़ा खाली है तो दूसरों को क्या बाँटेंगे ?”
संसार की शुरुआत आपसे ही होती हैं और आपके आस-पास आपके परिवार की ख़ुशी भी आप पर ही निर्भर हैं | आपने देखा होगा जिस परिवार का एक इंसान चिड़चिड़ा होता है वहाँ बाकि सब का खुश रहना असंभव होता हैं। स्वयं के अंदर ख़ुशी जगाये एवं सकारात्मकता की सोच रखने की कोशिश करें; इस दोनों को अपने अंदर समावेश करें और जीवन को खुशहाल और सफल बनाये |
“Complaining
will never solve the problem. Stop Complaining and take action”
इन सभी तरीको से काफी बदलाव आएंगे परन्तु यह इतना आसान नहीं हैं; आपको बार-बार स्वयं को याद दिलाना होगा की शिकायत करते रहने से कुछ नहीं होगा | आपको स्वयं मे सुधार लाने के लिए स्वयं ही प्रयत्न करते रहना पड़ेगा |
इसी के साथ आपसे विदा लेती हूँ और जल्द ही मिलती हूँ अपने नए विचारो के साथ|
DeepTea


Priya Singh
ReplyDeleteThis write-up is highly inspiring..keep up the good work.. looking forward to more of this kind to come.
Thank you 🙏
DeletePriya Singh
ReplyDeleteThis write-up is highly inspiring..keep up the good work.. looking forward to more of this kind to come.
Very nice write up as always . Keep the good work.
ReplyDeleteबहुत सही
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