7 चरणों में स्वयं पर भरोसा कैसे विकसित करें - How to Develop Self-Belief in 7 Steps
7 चरणों में स्वयं पर भरोसा कैसे विकसित करें - How to Develop Self-Belief in 7 Steps
नमस्कार दोस्तों !!!
भरोसा एक ऐसा शब्द है जो हम आसानी से किसी पर भी कर लेते हैं जैसे अपने रिश्तेदारों पर भरोसा, नौकरों पर भरोसा, दोस्तों पर भरोसा; पर जब बात स्वयं पर भरोसा करने कि आती
हैं तो हम उलझन में पड़ जाते हैं | क्यों हमे अपनी क्षमता, योग्यता और कौशल पर विश्वास नहीं रहता ? क्यों हम स्वयं पर ही शक करने लगते हैं ? सोचे अगर हम स्वयं पर भरोसा नहीं दिखाएंगे तो हम पर कौन भरोसा दिखाएगा ?
बचपन से ही बच्चों में प्रशंसा पाने की कोशिश करने की आदत डाल दी जाती हैं; ऐसा करो सबको अच्छा लगेगा, ये पढ़ाई करोगे तो बेहतर होगा, इस तरीके से काम करोगे तो बॉस खुश होंगे इत्यादि....; हमेशा सराहना की लालसा और दुसरों से प्रोत्साहन मिले इसके लिए इच्छुक बनाया जाता हैं | कभी
ये नहीं बताया गया की आप जो कर रहे है और आप जो करना चाहते जाता है वह सबसे अनोखा है क्योंकी आप स्वयं अनोखे हैं, आप में ही वह सब है जो आप दूसरों से चाहते हैं | उदहारण - जब आप 10 - 12 Class मे होंगे तो अधिकतर लोगो ने यह सुझाव दिया होगा की आप GOV Job -के लिए
तैयारी करो; किसी ने ये नहीं पूछा होगा आप स्वयं जीवन मे क्या करना चाहते हैं या आपको स्वयं किस क्षेत्र मे दिलचस्पी हैं |कह सकते हैं की शुरू से किसी ने स्वयं पर भरोसा और अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखना नहीं सिखाया|
स्वयं पर भरोसा आपको जीवन के हर मोड़ मे काम आता हैं और यह इंसान के जीवन मे पूर्ण सफलता पाने का सबसे बड़ा उपकरण हैं; एक छोटे बच्चे से लेकर बड़े से बड़े उद्योगपति मे स्वयं पर भरोसा होना उनको सफलता की ओर ले जाता हैं | याद रखे जीवन के संघर्ष मे आप अकेले ही होते हैं और यहाँ आपका साथ देता है – “आपका स्वयं पर भरोसा”; अगर आपको अपने आप पर अपनी योग्यता पर भरोसा होगा तभी आप बिना हारे अपने लक्ष्य के प्रति सुचारु रूप से कोशिश कर पाएंगे और उसको जरूर प्राप्त भी कर पाएँगे | देखा गया है की लोग बड़ी-बड़ी योजनाएँ बनाते हैं, बड़े लक्ष्य तय करते हैं परन्तु खुद पर भरोसा ना होने से सब वैसे का वैसा ही रह जाता हैं; जरा सोचिये ऐसा क्यों होता हैं - क्यूंकि उनमे स्वयं की क्षमताओं पर विश्वास नहीं होता एवं सकारात्मक सोच की कमी रहती हैं |
Self-belief and hard work will always earn you Success
अगर आप सोच रहे है की अब ये "Self-Belief -स्वयं पर भरोसा " कहाँ से आएगा तो सबसे पहले ये समझ ले की कोई भी इंसान "Self-Belief -स्वयं पर भरोसे " के साथ पैदा नहीं होता | यह आपको धीरे-धीरे अपने आप मे उत्त्पन करना पड़ता हैं; कुछ छोटे-छोटे प्रयासों को लगातार करने से और स्वयं को प्रेरित करते रहने से "Self-Belief -स्वयं पर भरोसा " विकसित किया जा सकता हैं |
आईये कुछ ऐसे ही लगातार उठाये जाने वाले कदमो पर बात करते हैं; जिससे कुछ ही समय मे आप अपने अंदर "स्वयं पर भरोसा विकसित " कर सकते हैं - How to Develop Self-Belief ? –
1) अपने दिमाग को डिटॉक्स करें - Detox your Mind
आपने कई भावनाओं को
अपने अंदर दबा रखा होगा; जैसे - कुछ अतीत की दुर्घटना, किसी से सम्मान ना मिलना, कुछ खो देना और भी बहुत कुछ| हम सभी कई बोझों को अपने मस्तिष्क मे जगह देकर उसके साथ जीते हैं
और कभी-कभी ये सब मिलकर हमारे स्वयं पर से भरोसे को हिला देता हैं, हम अपने पर से विश्वास खो
देते हैं | सबसे पहले आप अतीत की सभी दुःख तकलीफों और कठिन यादो को अपने दिमाग से निकाले और एक नयी शुरुआत के लिए अपने मस्तिष्क को पूरी तरह से साफ़ करें | अगर यह पहला कदम आपने ठीक से उठाया तब ही बाकि के कदमो का पूरा प्रभाव पड़ेगा|
https://deeptea10.blogspot.com/2020/05/detox-your-soul_13.html
2) अपने लक्ष्य को तय करें - Decide and set your Goals
निर्धारित करें आप स्वयं को आगे जीवन मे कैसा इंसान देखना चाहते हैं ; क्या यही हरा हुआ, निर्जीव, बेबस या वह इंसान जो सभी मुश्किलों से लड़ता हुआ आगे बढ़ता हैं बिना हार माने अपने चेहरे पर मुस्कराहट और मन मे भरोसा लिए पीछे ना हटने की जिद्द पर अड़ा हुआ अपने आप को विजेता साबित करता हैं |सोचे, निश्चित करें और अपने आप पर भरोसा मजबूत करें|
3) अपने कौशल और क्षमताओं को पहचानें और उन पर भरोसा रखें -Identify and trust your skills and abilities
हम सभी अलग है और हम सभी मे अलग-अलग कौशल और क्षमताएं हैं; हम सभी डॉक्टर, कलाकार, वकील नहीं बन सकते और सभी सरकारी नौकरी (Gov Job) के लिए भी नहीं बने हैं | सबसे पहले अपने अंदर के कौशल और क्षमताओं को पहचानना होगा फिर उस पर कार्य करें ताकि आप उसको और निखार पाए तत्पश्चात अपने इन कौशल और क्षमताओं पर पूर्ण भरोसा रखें; याद रखे लोग आपको बहकायेंगे और आपको उनके नज़रिये से कम भी आंकेंगे; अगर आपका स्वयं के कौशल और क्षमताओं पर पूर्ण विश्वास रखते है तो कोई आपको आगे बढ़ने से रोक नहीं सकता |
“What the mind can conceive and believe, and the heart desire, you can achieve.”― Norman Vincent Peale
4) अपने डर से बाहर आये -Come out from your Fear
अपने डर को पहचानना अपने डर पर जीत पाने से भी बड़ी उपलब्धि हैं क्यूंकि लोग अपने आराम के दायरे से बहार ही नहीं निकलना चाहते| "जैसा चल रहा है अच्छा हैं ; क्यों कुछ नया करना क्यों कुछ नया सीखना" इस ढर्रे पर चलने वाले लोग कभी कुछ अनोखा प्राप्त नहीं कर सकते; ऐसे लोगों ने अपने आप को एक सांचे मे बंद रखना सीख लिया हैं| इस डर को अपना लिया हैं और उससे आगे बढ़ने की सोच पर ही ताला लगा दिया हैं | दुनिया और समय हमेशा बदलते ही रहते हैं, अपने डर से बहार निकले और स्वयं के प्रति भरोसे को और द्रण बनाये |
https://deeptea10.blogspot.com/2020/05/blog-post.html
5) अपनी समस्या के साथ रहो और सोचो - Stay with your Problem & think
कई बार ऐसा होता हैं की जब किसी काम को करने मे मुश्किल होती हैं या किसी लक्ष्य को पाने मे समस्या आती हैं तो हम उस काम को करना छोड़ देते हैं | अपनी समस्याओं के साथ रुक के देखिये और दोबार सोचिये की कैसे लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता हैं | समस्या ये है की लोग समस्या से भागते हैं; उसको समझते हुए उसका हल ढूंढे |
6) याद रखें आपको कोई रोक नहीं सकता - Remember no-one can stop you
"कुछ तो लोग कहेंगे लोगो का काम है कहना"; लोगो से अवहेलना और लोगो के अविश्वास को मार्गदर्शन का बल बनाये | अपने आप को किसी की सोच का मौहताज ना बनाए; कोई हमारे बारे मे "क्या सोचता हैं, कैसा सोचत हैं" इस पर हमारा कोई ज़ोर नहीं हैं; परन्तु आप स्वयं के बारे मे क्या सोचते हैं इस पर आपका बस चलता हैं | अपने प्रति अपनी सोच को द्रण बनाये; स्वयं पर भरोसा तभी बढ़ सकता है जब आप अपने दिल की बात सुने ना की दूसरों के सोच और समझ से अपने लिए रस्ते तय करें |
7) उम्मीद ना करें; खुद को प्रोत्साहित करें - Don’t expect; encourage yourself
आपने देखा होगा की जब लोगो को प्रोत्साहन मिलता हैं तो वह दूसरों से बेहतर कर पाते हैं; परन्तु मैं यहाँ एक सवाल करना चाहती हूँ - क्या आप हमेशा दूसरों के प्रोत्साहन पर निर्भर रहेंगे? क्या आप स्वयं को प्रोत्साहित नहीं कर सकते ? क्यों दूसरे हमारी लक्ष्य प्राप्ति के लिए इतने जरुरी हैं ?| आप
किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति का उदाहरण लें, उनमे से ज्यादातर ने स्वयं को प्रेरित और प्रोत्साहित किया; कुछ मामलों में उन्हें अपने ही परिवार से अच्छा समर्थन नहीं मिला; लेकिन वह बिना रुके तब तक काम करते रहे जब तक उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लिया| लोगो से उम्मीद करना छोड़े, स्वयं को प्रोत्साहित करे और स्वयं पर भरोसे को मजबूत बनाये |
“Once you learn to believe in yourself correctly, you are no longer worried about what other people are thinking or saying about you.”
याद रखे "स्वयं पर भरोसा ही सर्वोपरि हैं" स्वयं पर भरोसे को बढ़ाये और किसी भी कीमत पर इसको हिलने ना दें; आपका स्वयं पर भरोसा ही आपको जीवम की उचाईयां प्राप्त करायेगा |
आज इन्ही विचारो के साथ आपसे विदा लेती हूँ |
DeepTea




Very inspiring!!
ReplyDeleteInspiring and encouraging wow 👏
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
DeleteThank you 🙏
Delete👍
ReplyDeleteWow!!! Most needed in these testing times.
ReplyDeleteTrue, Than you 🙏
Deleteबहुत सही
ReplyDeleteThank you 🙏
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