अपने जीवन से अधिक संतुष्ट होने के 7 तरीके - 7 ways to be more satisfied with your life

अपने जीवन से अधिक संतुष्ट होने के 7 तरीके - 7 ways to be more satisfied with your life

The superior man is satisfied and composed; the mean man is always full of distress.  – Confucius


नमस्कार दोस्तों !!

एक इंसान कब स्वाभाविक रूप से खुश रहता हैं? जब उसके जीवन मे कोई भी बुनियादी समस्याएं ना हो; जैसे धन संपत्ति की कमी ना होना, सम्मान मिलना, रिश्तों मे पूरी शांति होना, स्वास्थ अच्छा रहना इत्यादि... यह सब होने से मन शांत रहता हैं और जीवन खुश रहता हैं; परन्तु सभी को सारे सुख एक साथ नहीं मिल सकते, कोई ना कोई कमी ऐसी होती है जिससे जीवन मे हलचल मची ही रहती हैं पर ऐसा होने के बावजूद जो व्यक्ति खुश रहना जानता हो उसको संतुष्ट बोलते हैं।

जीवन के उतार चढाव मे अपने आप को संतुष्ट रखना बहुत कठिन काम है और यह सबके बस की बात भी नहीं हैं। देखा जाये तो संतुष्टि कब मिलेगी इसकी कोई सीमा नहीं होती; संसार के बड़े-बड़े धनवानों को भी जीवन मे संतुष्टि नहीं हैं; जीवन की दौड़ ने इंसान के मन को इतना बेचैन और व्याकुल बना दिया है की उसको सब कुछ हासिल कर के भी संतुष्टि नहीं मिल रही हैं। मैं ये नहीं कहती की आप सब कुछ छोड़ कर हाथ पर हाथ रख कर बैठ जाये और प्रगति ना करें पर जीवन मे उन्नति और वृद्धि के नाम पर जो बेचैनी आपके दिलो दिमाग मे स्थायी रूप से घर कर गयी है उससे निजात पाए।

ऐसा आवश्यक नहीं है की जीवन मे पूर्णतः संतुष्ट होने के लिये आपको हमेशा भौतिकवादी (materialistic) चीज़े प्राप्त हो; अगर आप संतुष्टी को अपने अंदर ही ढूढें तो उसका प्राप्त होना जल्दी संभव होता हैं। आईये समझे ऐसे कुछ तरीके जिनके द्वारा आप जीवन मे अधिक संतुष्ट महसूस कर पाएंगे

1)    लक्ष्य बनाये - Have Goal

जब आपका जीवन मे कोई लक्ष्य होता हैं तो आपका ध्यान जीवन की कमियों पर कम जाता हैं एवं आप समय को पूर्णतः उपयोग करते हैं। समय-समय पर अपने जीवन मे लक्ष्य निर्धारित करें और उसको पूरी लगन से हासिल करने की कोशिश करें। यह लक्ष्य बड़े भी हो सकते है और छोटे भी, एक हफ्ते के भी हो सकते और एक साल के भी; बात यह नहीं हैं की लक्ष्य कितने बड़े या कितने लम्बे हैं परन्तु बात उस संतुष्टि की है जो लक्ष्य को हासिल करने के मार्ग मे आपको मिलती हैं।

2)    सीखते रहे - Keep Learning

आपका पूरा जीवन एक विद्यालय है और आप सभी इसमें पढ़ने वाले विद्यार्थी; इसमें आपको बिना रुके हमेशा कुछ नया सीखते ही जाना चाहिए। जब आप हमेशा कुछ सिखने के लिए तत्पर रहते है तो आपका मस्तिष्क इधर-उधर नहीं भटकाए और नया सिखने मे व्यस्त रहता हैं। नया सिखने पर जो ख़ुशी मिलती है वह एक अदभुत संतुष्टि प्रदान करती है।

https://deeptea10.blogspot.com/2020/06/never-stop-learning.html

3)    रिश्तों मे सरलता लाये - Simplify your relationships

जीवन बिना रिश्तों के खाली सा होता हैं जो प्यार और सम्मान पाने के लिए सदैव तरसता रहता है। जहाँ रिश्तों मे सरलता नहीं हैं वहाँ स्पष्ट है कि आपको संतुष्टि नहीं मिलेगी। इन प्यार के रिश्तों को सरलता से निभाए, ज्यादा सख्त होने से रिश्तों मे खिचाव आता है और मन अशांत और व्याकुल रहने लगता हैं।

4) अपने मस्तिष्क को आराम दें - Relax our mind

आज का मनुष्य अपनी समस्याओं और जीवन की भाग दौड़ मे इतना फँस कर रह गया की उसका मस्तिष्क अशांती और आकुलता से भर गया हैं। ऐसे मे दिमाग को आराम देना ही एक मात्र समाधान हैं; जिसके लिए स्वयं को पर्यावरण के करीब रखना चाहिए, कभी-कभी बच्चों के साथ खेलने से भी मस्तिष्क मे ख़ुशी और शांति का आभास होता हैं, अच्छा संगीत एवं ध्यान से मन और मस्तिष्क को चैन मिलता हैं।

5) भरोसेमंद दोस्त बनाये - Make trustworthy friends

इंसान जब अपने ख्याल किसी से बाँट नहीं पता तो उसका मन चिड़चिड़ा सा रहता हैं। यह जरुरी नहीं की जब आपको तकलीफ हो तभी आपको किसी से बात करने का मन हो, कई दफे इंसान अपनी ख़ुशी बाँटने के लिए भी स्वयं को अकेला पता हैं और जीवन मे सभी ख़ुशी होते हुए भी संतुष्टि की कमी रहती हैं। जीवन मे कुछ ऐसे भरोसेमंद दोस्त बनाये जिनसे आप जीवन की ख़ुशी और गम दोनों बिना सोचे बता सके।

6) हर तकलीफ में कुछ अच्छा ढूढ़ने की कोशिश करें - Try to find something good in every problem

हर व्यक्ति जो जीवन से संतुष्ट लगता हैं उसके जीवन मे झाक कर देखे; मैं शत प्रतिशत कह सकती हूँ की उसके जीवन मे कोई ना कोई ऐसी समस्या होगी जिसका उसके पास भी कोई हल ही नहीं होगा; परन्तु इसके बावजूद वह बहुत ही खुशी एवं संतुष्टि से अपना जीवन बिता रहे होंगे। अब बात करते हैं कैसे ऐसा मुमकिन हैं; तो जवाब होगा उसको हर तकलीफ मे अच्छाई ढूढ़ने की कला आती हैं। नकारात्मकता को छोड़ जीवन की हर तकलीफ मे स्वयं के लिए एक बेहतर वजह ढूंढे और देखिये कैसे संतुष्टि आपके साथ चलेगी।

7) अपनी मर्ज़ी का करें - Do as you like

जब आप दूसरों के फैसले को मान कर बिना सोचे अपने जीवन के लिए स्वीकार कर लेते हैं तो यह आपके जीवन की असंतुष्टि का सबसे बड़ा कारण बन जाता हैं। अपने जीवन के फैसले स्वयं लेने की कोशिश करें क्यूंकि आपकी ज़िन्दगी सिर्फ आपकी हैं; वह कहते है ना सुनो सबकी और करो अपने  मन की।

True contentment is not having everything, but in being satisfied with everything you have. - Oscar Wilde

आज इसी के साथ आपसे विदा लेती हूँ |

DeepTea

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