बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के 7 महत्वपूर्ण कदम - 7 Important steps to make children mentally strong

बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाने के 7 महत्वपूर्ण कदम - 7 Important steps to make children mentally strong

नमस्कार दोस्तों !!!

आप सभी ने अपने संघर्ष के समय मे ये अच्छे से समझ लिया होगा की एक व्यक्ति के जीवन मे सबसे जरुरी होता है मानसिक रूप से मजबूत होना। जीवन के उतार-चढ़ाव मे इंसान पूरी तरह टूट जाता हैं और इससे सिर्फ वही व्यक्ति उभर पाते हैं जो मानसिक रूप से मजबूत होते हैं।

आपने अपने बच्चों के लिए जरूर बड़े-बड़े सपने देखे होंगे और मैं निश्चित तौर पर कह सकती हूँ की आप उनको उसके लिए तैयार भी कर रहे होंगे; पर क्या आप उनको जीवन की बड़ी चुनौतियों के लिए भी तैयार कर रहे हैं ? क्या आप उनको दिमाग़ी रूप से भी ठोस बना रहे हैं ?

बच्चों को दिमाग़ी रूप से ठोस बनाने का मतलब यह नहीं की वह सदैव के लिए भावनाहीन हो जाये, वह अपनी एवं किसी की भावनाओं को समझ ना पाए। आईये बात करें और समझे की कैसे आप अभिभावकों को आगे भविष्य के लिए अपने बच्चों को दिमागी तौर पर इतना मजबूत बनाना है की वह छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी परेशानियों से कभी जीवन मे घबराये नहीं और ना ही इससे पीछे हटे

1) उन्हें अपनी भावनाओं को समझना और व्यक्त करना सिखाना - Teach them to understand & express their feelings

यह एक गलत धारणा है की भावनाये आपको कमज़ोर बनाती हैं, हर सफल व्यक्ति अपनी भावनाओं से पूर्णतः जुड़ा होता है। आज माता-पिता के पास समय का आभाव है परन्तु क्या आप दिन मे एक ऐसा समय निर्धारित नहीं कर सकते जहाँ आप अपने बच्चों से उनकी भावनाओं के बारे मे बात कर सके ? बच्चों को उनकी स्वयं की भावनाओं की समझ आना बहुत आवश्यक हैं एवं उन भावनाओं को सही तरीके से कैसे व्यक्त करना है इसका ज्ञान आपको ही उन्हें देना पड़ेगा। यह समझ ले की बच्चों का मजबूत व्यक्तित्व तभी बन सकता हैं जब वह अपनी भावनाओं की सही समझ रखे ना की भावनाओं मे अत्यधिक डूब कर स्वयं के लिए गलत निर्णय ले।

2) उन्हें समस्या का समाधान ढूंढना सिखाएं - Teach them to find a solution to the problem

बच्चों को हमेशा ये बताना की आप उनकी हर मुश्किल मे उनके साथ खड़े है ये गलत नहीं है, पर इसका मतलब यह नहीं की आप स्वयं ही उनकी मुश्किलों को हल करने लगे। ऐसा करने से उनकी मुश्किल आज तो दूर हो जाएगी परन्तु वह मुसीबतों और परेशानियों को हल करना सीख नहीं पाएंगे। उनको उनकी छोटी-छोटी समस्याओं का हाल ढूढ़ने की कोशिश करने दे; उनको अपनी ग़लतियों से सिखने दे एवं उसको ठीक करने की कोशिश करने दे। उनको समझाए की कुछ गड़बड़ हो जाने से दुनिया खत्म नहीं हो जाती; उनको मुश्किलों को हल कर परिस्थिति को संभालने की कोशिश करनी चाहिए। 

3)     यथार्थवादी बात करें और उन्हें भी ऐसा करने के लिए कहें - Talk realistic and ask them also to do the same 

बच्चों को हमेशा परियों की अवास्तविक दुनिया में नहीं रखे; चाहे किसी भी आयु में हो उन्हे वास्तविक बातें आसान तरीका से समझाने की कोशिश करें। घर का हिसाब हो या भविष्य पर विचार-विमर्श सभी बातों मे उन्हे शामिल होने दे। वास्तविकता मे जीने वाला इंसान जीवन मे उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहता है; और परिस्थितियों के बदल जाने पर उसको धक्का नहीं लगता और वह अपने आपको आसानी से संभाल पाता है।

4) जब वे गिरते हैं तो उन्हें खुद से उठना सिखाएं - Teach them to get up by themself when they fall 

आप जब तक बच्चे को सहारा देते है तब तक वह स्वयं से चल नहीं पाता; स्वयं के मन और बच्चे के मन से गिरने - असफल होने का डर हटाए। उन्हें समझाए कि सफलता के रास्ते में दर्द-असफलता सिर्फ एक हिस्सा है और यह उन्हें लक्ष्य हासिल करने की ताकत देगा, इसलिए उन्हें दर्द या असफलता के दर से कभी जीवन मे हार नहीं माननी चाहिए। खेल हो या जीवन, प्रॉजेक्ट हो या रिश्ता परेशानियाँ इसका एक हिस्सा है और लगातार डटे रहने से इससे उबरा जा सकता हैं।

5) उन्हें जीवन मे कृतज्ञ रहना सिखाए - Teach them to be thankful in life

जीवन मे सदैव उतार-चढ़ाव लगा ही रहता है और हमेशा कुछ कमी रहती है ऐसे समय पर वही व्यक्ति इन सब बातों से उबर पता है जो अपने जीवन के प्रति कृतज्ञ हो। जो अपने जीवन मे बिना माँगे और बिना कोशिश करे मिले हुए सुख के लिए हमेशा कृतज्ञ रहता हो; बच्चों को कृतज्ञ रहना सिखाए और स्वयं भी ऐसा करें जिसको देख वह इसका अभ्यास करें।

6) आत्म-प्रेम करना सिखाये - Teach self-love

बच्चों को आत्म-प्रेम का महत्व सिखाये, इसके द्वारा बच्चे अपना अच्छा सोचने मे सक्षम हो जाते हैं और पूरे विवेक के साथ अपने आप के लिए निर्णय ले पाते हैं। आत्म-प्रेम करने वाला इंसान दूसरों के मानसिक दृष्टिकोण को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता और बिना रुके आगे बढ़ता जाता हैं।

7) परिवार और मित्र जीवन का स्तंभ हैं - Family and friends are the pillars of life

बच्चों को रिश्तों का महत्व समझाए, दोस्त एवं परिवार ही आपको बुरे वक़्त मे भावनात्मक समर्थन प्रदान करते है। जिस व्यक्ति को रिश्तों का पूर्ण समर्थन होता है वह बुरे वक़्त को आसानी से पार कर पाते है और ऐसा होने से मस्तिष्क शांत रहता हैं एवं बुरे वक़्त मे भी ठीक प्रकार सोचना मुमकिन हो पाता हैं।

हमे आगे के समय का कुछ पता नहीं हैं तो इसके लिए अपने बच्चों मानसिक रूप से मजबूत बनाने के सिवाय और कोई उपाय भी नहीं हैं। आज इन्हीं विचारों के साथ आपसे विदा लेती हूँ |

DeepTea

 

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