नया करने से क्यों “डरे” - आओ बिना 'डरे' कुछ "नया करें" - Why "be afraid" of innovating - do something new, without fear

नया करने से क्यों “डरे” - आओ बिना 'डरे' कुछ "नया करें" - 
Why "be afraid" of innovating - do something new, without fear


डर  - डर क्या है ? जब हमको लगता है कि हमको किसी से खतरा है तो हमारा दिमाग उसको डर मे परिवर्तित कर देता है; ये सिर्फ हमारे दिमाग द्वारा निर्मित होता है |

एक शिशु के शुरुआती जीवन से ही उसके माता-पिता समय-समय पे उसके मन मे अनके प्रकार के डर डालने लगते हे; जैसे अकेले बाहर मत जाओ भूत ले जायेगा, बात नहीं मानते तो - पुलिस आजायेगी इत्यादि …| हिंदी सिनेमा के शोले चलचित्र मे भी इसबात पर एक प्रसिद्ध संवाद है "सो जा नहीं तो गब्बर सिंह जायगा"| डरा के अपनी बात मानाने का सिलसिला केवल बचपन तक ही सिमित नहीं रहता; ये तो बच्चे से उसके वयस्क होने तक लगातार तीव्रता से उपयोग किया जाता है ताकि बच्चा बिगड़ जाये या सरल भाषा मे बच्चा हाथ से निकल जाये |

हम मध्यम वर्ग वालो की तो डरने की कोई सीमा ही नहीं होती; सीमित आय होने के कारण नयेपन से संबंधित कोई काम करने नहीं दिया जाता | सब कुछ खो देने का डर हमारे अंदर इतना घर कर जाता है की हम कुछ अनोखा और अलग करने का सुन कर भी घबरा जाते है; चाहे वह नया व्यवसाय चुनना हो, अपने मन का कुछ करना हो यहाँ तक की अपना जीवनसाथी चुनना भी सोच के परे लगता है; हम माध्यम वर्ग के लोग जीवन मे जोखिम लेने से डरते है और ये डर हमारे मन मे इतनी गहरी जगह बना चुका है की इससे निकल पाना एक बेहद हिम्मती इंसान ही कर सकता है|


हममे से कोई अपनी सुविधा / आराम के दायरे से बाहर नहीं निकलना चाहता, हम सबको लगता है हमारा जीवन आरामदायक हो और अधिक संघर्ष  करना पड़े, पर ये भी सच है की बिना संघर्ष के हम कुछ नया और अनोखा नहीं प्राप्त कर सकते|

स्वयं से पूछे क्या आपने कभी कुछ अलग करने की कोशिश की ? जब रिश्तेदारो और समाज ने किसी काम को करने से आपको रोका हो; पर आपके दिल ने आवाज़ दी कर डालो; तो आपने क्या किया ? " अधिकतम जवाब - नहीं किया / छोड़ दिया"


एक रिसर्च के  हिसाब  से - “84% लोग कुछ नया और अलग करने से डरते है|"

"तो वह बचे हुए 16% हिम्मती लोगो ने अपने मन मे जो आया वह बिना डरे कैसे कर दिखाया" आइये जाने क्या है इसका राज़ ?

अब ये तो पता चल गया की ये डर कहाँ पर पनपा, कहाँ रहता है; पर अब क्या करे जिससे हम अपने अंदर के डर को बाहर निकल के कुछ नया कर सके?

अपने दिमाग को इनसे भर दो - Fill your mind with these -


1)    सोच के चले "सब ठीक होगा" - Think "everything will be fine" 
हमे अपने दिमाग मे बार-बार सकारात्मक सोच को ही जगह देनी चाइये; ये कभी नहीं सोचना की कुछ गलत होगया तो; अपनी योग्यता और मेहनत पर पूरा भरोसा रख के लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश मे लगे रहना चाहिए

2)    मन और दिमाग को पूरी तरह से तैयार करें - Make up you mind completely

हमे अपने मस्तिष्क और मन को पहले से मजबूत करके चलना है, कोई भी कठिनाई आये हमको रुकना नहीं हैसमाज बार-बार हमको रोकने के लिए अलग-अलग तरह का प्रयास करेगा, हमको समझायेगा; पर हमे अपने मन और मस्तिष्क मे आत्मविश्वास रखना है और दुनिया की बातो से बिना डरे प्रयत्न करते रहना है|

3)    अपनी क्षमता से परे जाओ - Go beyond your capacity

आपने कभी एक इल्ली (कैटरपिलर ) को तितली बनते देखा है, ये एक बहुत तकलीफ देने वाली प्रक्रिया होती है| सभी इल्लीया तितली नहीं बन पाती; उनको अपनी शक्ति से परे जाने पर ही ये खूबसूरती हासिल हो पाती हैं| इसी तरह हम को भी अपने परिवार के कोकून / खोल (शैल ) से बाहर  आकर; अपनी क्षमताओं से परे जाकर उस अनमोल लक्ष्य को प्राप्त करने का प्रयास करना होगा|

4)    एक बार में चीजों को ना आँकें - Do not judge things at once 

पहली छाप कभी अंतिम छाप नहीं होती है; मनुष्य की प्रकृति है अपने आस पास की चीज़ो, माहौल और व्यक्तियों को आंकने की; यह गलत नहीं है पर पहली नज़र मे हमे किसी भी निर्णय पर कभी नहीं पहुंचना चाहिए; अपना पूरा समय ले, स्वयं की प्रकृति और काम करने के तरीको मे परिवर्तन लाये; निसंदेह आपको नए लोग, नया काम और नया वातावरण पसंद आने लगेगा|

5)   तुरंत परिणाम की चिंता न करें; धैर्य रखें - Be patient; Don't worry about immediate results 

समय को थोड़ा समय दे, समय सबसे बलवान है| ध्यान रखे नयी जगह पर आपसे कोई भी एक दिन मे परिणाम की उम्मीद नहीं करता; फिर आपको भी इस बात की अत्यधिक चिंता किये बिना नए काम को सीखने और नए लोगो के साथ उस वातावरण मे ढलने पर ध्यान देना चाहिए; समय के साथ सब ठीक लगने लगेगा; धैर्य ही सफलता की कुंजी है|


अब बात करते है स्वयं के डर पर जीत पाने से; आपको क्या प्राप्त हो सकता है ?- Now let's talk about winning over your own fear; What you can achieve ? -

1) अनुभव बढ़ेगा - Experience will increase

2) आत्मविश्वास बढ़ेगा - Confidence will increase

3)  पछतावे से बचेंगे - Avoid regret

4) धैर्य प्राप्त होगा - You will get patience

5) कुछ असाधारण हासिल करने की संभावना बढ़ती है - Chances of achieving something extraordinary


डर से मुकाबला करने वालो को ही आज तक कुछ असाधारण हासिल हुआ है; हमे अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से तैयार होना पड़ेगा।


सपने सब नहीं देख पाते; पर सपने पूरे उसके ही होते है जो बिना किसी की परवाह किये अपने डर को पीछे छोड़ के आगे बढ़ने के लिए कदम उठाते है;  ही रस्ते पर तो भीड़ चलती है आप अपना रास्ता खुद बनाये, अपने डर से बहार आये और सफलताए पाए |



इसके साथ आज विदा लेती हूँ, फिर जल्दी ही मिलेंगे।

DeepTea



Comments

  1. Very encouraging thought, when day start by redaing ur blogg make me positive n energise whole day

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  2. Mind becomes fresh n energy after reading blogs. Very good thought dear👍👍

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  3. Thanks for sharing such beautiful thought

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  4. Great dear.Motivational thoughts.👍👍

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  5. Beautifully described..very motivated......

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  6. Superb...motivational,totally agree with the thoughts. 👏👏❤❤

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  7. Hi Deepti, This is Ramya
    Your blog is thought provoking,inspirational and Rejuvenating.
    Thank you!!

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    1. Thank u Ramya, plz read my other blogs & kindly update me with ur feedback.

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  9. Very beautifully put Deepti! 👏🏻

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