स्वयं को प्रेरित करने के 6 कदम - 6 steps to motivate yourself

स्वयं को प्रेरित करने के 6 कदम - 6 steps to motivate yourself


नमस्कार दोस्तों !!!

हम सभी के जीवन मे ऐसा कई बार होता है जब हमे कुछ भी सफल होता नज़र नहीं आता; और परिश्रम करने की इच्छा नहीं करती; चाहे वह परीक्षा की तैयारी हो, या जल्दी उठकर व्यायाम करना हो, हमे हमारे जीवन मे सभी कार्यो के लिए एक प्रेरणा का स्रोते चाहिए होता है



यह हम इंसानो की प्रकृति है की हम ज्यादा लम्बे समय तक किसी एक काम को करते करते ऊब जाते है; और लम्बे समय तक अगर कोई सफलता ना मिले तो उस कार्य को करना छोड़ देते है

इसका कारण सही प्रेरणा ना मिलना हो सकता है; यही वह चरित्र है जो एक सफल व्यक्ति को एक असफल से अलग बनता है

आइए जाने मेरे नज़रिये से खुद को प्रतीत करने के कुछ आसान तरीके -

1)    याद रखें अपने लक्ष्य का मुख्य कारण - Remember the main reason of your goal

परिश्रम करते करते हम अपने लक्ष्य की वजह को ही भूल जाते है और हताश हो जाते है. हमे समय समय पर अपने उस महत्वपूर्ण कारण को भी याद करना चाहिए जो हमे आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहे और निराशा से उबारे।

उदहारण - अगर आपने रोज़ सुबह व्यायाम करने का तय किया है तो "ऐसा क्यों सोचा था "; शयद आप आने वाली शारीरक परेशानियों से अपने शरीर को बचाना चाहते है. तो रोज़ समय पर उठने के लिए इस अमूल्य कारण को याद करें, तुरंत आलस भाग जाएगा और दिमाग अटल होकर लक्ष्य पर टिका रहेगा



2)    कठिनाई के बारे में नहीं , लक्ष्य के बारे मे सोचे - Think about the goal, not about the difficulty

"वह सफलता सफलता नहीं होती , जो बिना कठिनियो के मिले"


कठिनाइया सफलता का एक अमूल्य अंश है, बिना कठिनाइयो के कोई सफलता नहीं मिलतीपर हम इंसान अपनी तकलीफो - कठिनाइयो को इतना महत्व दे देते है की हमारा लक्ष्य ही ढक जाता है; और हमारे लक्ष्य की गाड़ी पटरी से विचलित हो जाती है

उदहारण - एक चित्र बनाते समय ये महत्वपूर्ण नहीं की उसको बनाने मे कितना समय लगेगा, चित्र का मूल्य मिलेगा या नहीं इत्यादि। अगर चित्रकार इन सब बातो पर ध्यान देने लगेगा तो चित्र का सूंदर बनना नामुमकिन हो जायेगा; उसको इन सभी विचारो को ना सोच अपने ध्यान को चित्र बनाने मे केंद्रित करना चाहिए

"कोई भी परेशानी परिणाम से जयादा महत्त्वपूर्ण नहीं होती "





3)    स्वयं की छोटी-छोटी उपलब्धियों को सराहना - Appreciate your own small achievements

हम सबको छोटे बच्चो की तरह होना चाइये जो अपनी नन्ही सी उपलब्धि पर भी कितने खुश होते है; किसी से प्रशंशा की अपेक्षा नहीं रखते

हमे अपने मुख्य लक्ष्य को पाने के लिए छोटे छोटे लक्ष्य बनाने चाहिए; और उन लक्ष्य को पाने की कोशिश मे लगना चाहिए; हमेशा उत्साह से लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए और उसको प्राप्त करलेने पे स्वयं को जरूर सराहे।  इससे हमारा मनोबल बना रहता है और अगले छोटे लक्ष्य को प्राप्त करने की जिज्ञासा उत्त्पन होती है





4)    खुद की दिनचर्या बनाये - Make your own routine

हमे अपने पुरे समय को छोटे-छोटे भागो मे बाटना चाइये, ये आपके जरुरत के मुताबिक हो सकता है. हर सफल व्यक्ति के जीवन की एक अनोखी दिनचर्या होती है; उसमे उनकी सामान्य आदतों से लेके उनके विशेष शौक को भी समय आवंटित होता है

इस तरह से हम अपने समय का पूर्ण तरह से सदउपयोग कर सकते है. किस कार्य पर कितना ध्यान देना है ये हम एक दिन पहले तय कर सकते है और इसके लिए मोबाइल या नोटपैड का उपयोग कर सकते है


हम अपने निजी कार्य और लक्ष्य के सभी कार्यो का अलग-अलग समय निर्धारित कर सकते है; इससे परिवार को भी ठीक से समय दे पायेंगे; इस प्रकार जीवन मे संतुलन बना रहेगा और अच्छे परिणाम प्राप्त करने मे मदद मिलेगी।

5)    प्रेरक भाषण और सफल व्यक्तियों की आत्मा कहानी सुने -Listen to motivational speeches and soul stories of successful individuals


हर व्यक्ति का अपने जीवन मे एक अनोखा अनुभव होता है, जिसको सुनने से हमे प्रेरणा मिल सकती है; और जीवन के निराशा भरे दिनों मे अपनी सोच को कैसे सकारात्मक रखना है उसका ज्ञान भी मिलता है

प्रेरक भाषण सुनाने से हमे ऊर्जा मिलती है और हमारा मन मुश्किल कार्य को संभव बनाने के लिए पूरी तरह से मजबूत हो जाता है



"कठिन समय मे एक सकारात्मक व्यक्ति हमे रोशनी दिखा सकता है, और निराशा को हमारे अंदर से निकल के फेक सकता है"

6)    आपने पर भरोसा रखें, आप कुछ भी पा सकते है - Trust youself, you can get anything


हमे अपने आप पर, अपनी क्षमता पर, अपनी सोच पर और अपने लक्ष्य पर पूरा भरोसा होना चाहिए

हम सभी को एक डर होता है की शयद हम अपने तय लक्ष्य को हासिल ना कर पाए; इससे उभरने के लिए हमे आत्मविश्वास और भरोसे की जरुरत होती है; नकारात्मक दबाव जो हमारे मन मे है उससे बाहर निकले और मन मे ठान ले की हम कुछ भी पाने की क्षमता रखते है

विपरीत परिस्थियों से ही हम द्रढ़ और सफल बन सकते है.




इसके साथ आज विदा लेती हूँ, फिर जल्दी ही मिलेंगे।

DeepTea



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