पेरेंटिंग की यात्रा का आनंद लेने के लिए टिप्स - Tips on How to Enjoy the Journey of Parenting
पेरेंटिंग की यात्रा का आनंद लेने के लिए टिप्स - Tips on How to Enjoy the Journey of Parenting
नमस्कार दोस्तों !!
जब हम पेरेंट्स बनते है तो हम अपने बच्चे के लिए दुनिया भर के सपने देखने लगते है, उनको सारी कोशिश कर के दुनिया का ज़्यादा से ज़्यादा सुख देने की लगातार कोशिश मे लगे रहते है। उसको बड़ा करने मे अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करते है तो धीरे-धीरे यह चाहने लगते है की वह भी यही करने लगे।
हर बच्चा अलग होता है, कुछ बच्चे समय से पहले समझदार बन जाते है तो कुछ समय पार हो जाने पर भी मासूम ही रहते हैं। कोई आपके दिखाए हुए रास्ते पर चलता है तो कोई हमेशा अपने अनोखे तरीके से चीज़ो को करता है, कोई पढ़ाई मे अव्वल आता है तो कोई अन्य गतिविधियों मे रुचि दिखता हैं, किसी को तीखा खाना पसंद होता है तो किसी को सिर्फ़ मीठा ही। कह सकते हैं बच्चे एक बगिया मे उगने वाले उन अनगिनत फूलों जैसे है जो होते तो अलग-अलग है पर सभी अपनी विभिन्नताओं से ही बड़े प्यारे लगते है।
बच्चों
की पेरेंटिंग करना एक बड़ा मुश्किल कार्य हैं, हर माता-पिता का अपने बच्चों को बड़ा करने और पेरेंटिंग का अनोखा तरीका होता है, कह सकते हैं पेरेंटिंग की कोई निश्चित प्रक्रिया नहीं होती, जैसा आपको अपने बच्चे के हिसाब से ठीक लगे वैसा करना ही सही होता है. पर सभी पेरेंट्स का उद्देश्य एक ही होता हैं की उनका बच्चा एक खुश और सफल बच्चा बने; लेकिन इस मकसद को हासिल करने के लिए आप स्वयं को ही कही भूल जाते है और पेरेंटिंग के इस दौर को एक रेस मे परिवर्तित कर पेरेंटिंग के मज़्ज़े को खोज नहीं पाते। समय निकल जाता है और आप सोचे ही रह जाते है की आप तनाव लेते-लेते इस दौड़ मे पेरेंटिंग का आनंद नहीं ले पाए।
“Parenting without a sense of humor is like being an accountant who sucks at math.” — Amber Dusick
वर्तमान क्षण में रहते हुए आप कैसे पेरेंटिंग की यात्रा का आनंद ले इस बात पर आज हम विचार करेंगे –
Plan Kids friendly Holiday with them
माता-पिता वैसे तो रोज़ाना की दिनचर्या मे व्यस्त ही रहते है और बच्चों को पूरा समय दे पाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं हो पाता; तो ऐसे मे 6-7 महीनों या साल मे एक बार ज़रूर एक लंबा समय निकाले जिसमे आप अपना पूरा समय अपने परिवार और बच्चों के साथ बिता पाए. अब इसके लिए सबसे अच्छा तरीका है कहीं घूमने चले जाना; आज कल बच्चों के अनुकूल गंतव्य (kids friendly destinations) होते है जहाँ उनके मनोरंजन का पूरा ख्याल रखा जाता है।
Capture the special moments
अपने बच्चों की विकास (Growth) के साथ-साथ उनके बचपने एवं उनकी शैतानियों को भी अपनी यादों के लिए हमेशा के लिए संजो कर रखे. उनकी ये शैतानियाँ जब भी आप दुबारा देखेंगे तो आपका मन खुश हो जाएगा। उनकी तस्वीरें हो या उनकी Drawing books मे करी गयी शैतानियाँ सबको संजोये; यह सब आपको देखते ही खुशी का एहसास कराएगा।
Listen abt their dreams and stories
बच्चों
को नींद से उठाते समय उनसे उनके सपनों के बारे मे पूछे, उनको कहानियाँ सुनाए, उनके सोने से पहले उनके द्वारा बनाई हुई कहानियाँ सुने; इससे उनकी रचनात्मकता और भी बढ़ेगी एवं उनके मन को जानने का भी मौका आपको मिलेगा। इसके साथ-साथ आपकी प्यारी-प्यारी पुरानी दादी नानी और पापा माँ के द्वारा सुनाई गयी कहानियों को आपके मन मे दुबारा स्थान मिल जाएगा।
Sometimes be a kid and accompany them as a friend
बच्चे
तो बच्चे होते है मस्ती करना ही उनका स्वाभाव होता है इस वक़्त का आनन्द लेना सीखीए; उनके साथ नाचना, उनके साथ उनकी पसंद का खाना बनाना, उनके साथ मूवीस देखना इत्यादि करने से आप उनके साथी बन जाते है और उनमे आपके प्रति एक विश्वास विकसित होता है, साथ ही आपको तनावमुक्त महसूस होता है और स्वयं को बड़ा होकर भी बचपना दिखाने को मिल जाता है।
Be Flexible and let them explore
आपके अपने बच्चों से रिश्तों मे परेशानी तब ही आती है जब आप ज़रूरत से ज़्यादा कड़कपन बरतते हैं; अपने बच्चों से ज़्यादा उम्मीदें ना रखे, हमेशा यह सोचना की वह आपसे सभी बातें करें, आपका मत जाने, आपके अनुसार अपने फैसले ले तो ऐसा नहीं होता। स्वयं के स्वभाव को थोड़ा नरम और आपके द्वारा दी गयी परवरिश पर भरोसा रखे। कुछ समय आपको ज़रूर महसूस होगा की वह आपको नकार रहे है परंतु वह अपनी संभावनाओं को ढूँढ रहे होते है; आख़िर आपने उन्हे अपने निर्णय लेना सिखाया है। समय की प्रक्रिया को गुजर जाने दे और अपने मन को शांत और स्वयं को नर्म रखे।Help them with their studies
ज़रूरी नहीं की बच्चों को हम सदैव Tuition के भरोसे ही छोड़ दे, कभी-कभी आप उनके साथ बैठ कर उनसे विचार-विमर्श करें, उनको कहाँ परेशानी आ रही है यह जानने की कोशिश कर सकते हैं। Tuition के साथ-साथ उनको अपने तरीके से भी समझाने का प्रयास करा जा सकता है; हो सकता हैं आपके समस्या को हल करने का तरीका उनको ज़्यादा जल्दी और ठीक से समझ आ जाए एवं इस गतिविधि मे आपको भी अपने पुराने दिन जो आपने अपने माता-पिता के साथ बिताए है उनकी यादें भी ताज़ा हो जाए। आपके बच्चे को भी आने वाले समय मे संजोने के लिए आपकी कुछ अनमोल यादें मिल जाएगी।
यहाँ सभी टिप्स मे मैं कहना सिर्फ़ यही चाहती हूँ की इस Parenthood की प्रक्रिया का जितना हो सके उतना आनंद लीजिये; ये समय फिर नहीं आने वाला और बच्चे कब बड़े हो कर चले जाएँगे ये आपको पता भी नहीं चलेगा। समय रहते अपना सारा प्यार उन पर नीचावर कर के देखिए आपके जीवन का यह सबसे महत्वपूर्ण और आनंदमय समय बन जाएगा ।
“The thing about parenting rules is there aren’t any. That’s what makes it so difficult.” — Ewan McGregor
आज इसी के साथ आपसे विदा लेती हूँ |
DeepTea





Very much useful & important information Mam thank you
ReplyDeleteThank you 🙏
Delete👍👍
ReplyDeleteThank you Neelam ,🙏
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