क्यों आप स्वयं को खोया हुआ महसूस करते हैं ? खुद को फिर से ढूढ़ने के 7 तरीके - Why you feel Lost ? 7 ways to find yourself again
क्यों आप स्वयं को खोया हुआ महसूस करते हैं ? खुद को फिर से ढूढ़ने के 7 तरीके - Why you feel Lost ? 7 ways to find yourself again
नमस्कार दोस्तों !जीवन एक यात्रा है जिसमे आप जब आते हैं तो हँसी-ख़ुशी, रिश्ते, उपलब्धि, प्रगति के साथ-साथ दुःख,अकेलापन, असफलता, और बाँधा सभी की प्राप्ति होती हैं। किसी भी व्यक्ति का जीवन हमेशा बेहतरीन और उमंग भरा नहीं रह सकता; कह सकते है की परेशानियों से गुजरना भी एक बहुत आवश्यक पहलू हैं।
जीवन के इस उतार चढ़ाव में मनुष्य कभी-कभी इतना टूट जाता है की वह स्वयं को ही खो देता हैं; यह परिस्थितियों से आया हुआ बदलाव होता है जो आपको आपसे ही अलग कर देता हैं। कुछ साल पहले आप जिन बातों पर बहुत खुश हो जाते थे, जिन लोगों के साथ उठाना बैठना पसंद करते थे, आपके जो भी शौक हुआ करते थे वह सब वर्त्तमान समय मे बदल चुके होंगे; इनमे से कुछ बदलाव आपने स्वयं ही लाये होंगे परन्तु अधिकतर बदलाव आपमें हालातों के कारण आये होंगे और अब आप इसी के अनुकूल अपना जीवन व्यतीत करने लगे होंगे।
“Not until we are lost do we begin to understand ourselves.” — Henry David Thoreau
आइये पहले समझने की कोशिश करें की "क्यों आप स्वयं को खो देते हैं" - Let's first try to understand "Why you lose yourself"
1) आप नकारात्मक लोगों और उनकी राय को बहुत अधिक महत्व देते हैं - You give too much importance to
negative people and their opinions
नकारात्मक लोग कही भी हो सकते है; जैसे आपके रिश्तेदार, आपके दोस्त, आपके सहकर्मी इत्यादि.. पर मुश्किल वहाँ होती है जब आप उनकी नकारात्मक बातों को बहुत ज्यादा महत्त्व देने लगते हैं और उनके नकारात्मक विचारों मे घुल कर आप स्वयं को ही खोने लगते हैं एवं अपनी क्षमताओं को भूल जाते हैं।
2) आप अपने सपनों और इच्छाओं को बीच में छोड़ देते हैं - You leave your dreams and desires
in between
इंसान अपने सपनो और अपनी इच्छाओं के लिए जीता है एवं जी तोड़ मेहनत करता हैं; परन्तु जब कुछ कारणों से वह सपने पूरे नहीं हो पाते तो व्यक्ति टूट सा जाता है और स्वयं को धीरे-धीरे खोने लगता हैं।
3) आप अपने जीवन और अपनी भावना का प्रभार नहीं लेते हैं - You don’t take charge of your life
and your feeling
एक मनुष्य के जीवन मे बहुत सारी घटनाये होती रहती हैं; परन्तु कुछ लोग उससे अपने आप को उभार लेते है और कुछ उसके बहाव मे बह जाते हैं। अपने जीवन और भावनाओं पर जब नियंत्रण छूट जाता है तो व्यक्ति स्वयं को ही खो देता हैं।
4) आप दूसरों का जीवन जीना शुरू कर देते हैं - You start living others life
Internet, सोशल मीडिया, समाचार से दुनिया इतनी जुड़ गयी हैं की एक जगह पर बैठे-बैठे ही किसी अनजान की उपलब्धियों, पारिवारिक जीवन एवं उसके जीवन की सुख-सुविधाओं के बारे मे जाना जा सकता हैं। आज इंसान स्वयं के जीवन को सुधरने से अधिक दूसरों के जीवन मे दिलचस्पी लेता हैं और इस प्रभाव के कारण वह दूसरों के जैसा बनने मे लग जाता हैं एवं स्वयं को खो देता हैं।
5) क्योंकि आप अपने जीवन को महत्व नहीं देते हैं और आप जीने के लिए जीवित हैं - Because you don’t value your life
and you are just living to live
इंसान का जीवन कुछ नया सीखने कुछ नया जानने के लिए हुआ हैं; परन्तु कुछ व्यक्तियों को इस अमूल्य जीवन का कोई महत्व ही नहीं होता | उनके जीवन का कोई धेय नहीं होता एवं जीवन सिर्फ साँस चल रही हैं इस लिए जीते चले जाते हैं। जब आप स्वयं अपने जीवन को कोई महत्व नहीं देंगे तो जीवन नीरस सा हो जायेगा और आप उसमे अपने आपको खो देंगे।
कैसे खुद को फिर से पाएं और अपनी आत्मा के साथ फिर से जुड़ें - How to find yourself again and reconnect
with your soul
1. अपनी भावनाओं को समझें - Understand your own feelings
जब आप अपनी भावनाओं को ठीक से समझ पाते है; तभी सही मायनों मे आप स्वयं को भली भांति जान सकते हैं। भावनाओं मे उतार चढाव लगा रहता है परन्तु अगर आप उसको लगातार नजरअंदाज करते रहेंगे तो आप संतुष्ट महसूस नहीं कर पाएंगे एवं स्वयं को हमेशा ऐसे रखने से आप स्वयं को खोने लगेंगे। इसलिए अपनी भावनाओं से जुड़े रहे और उनको दबाने या नजरअंदाज करने की गलती ना करें।
2. कुछ नया सीखे - Learn something New
आपको एक समय के बाद सिमित दायरे में रहने की आदत हो जाती हैं; कोई ना कोई वजह से नया करने और सिखने का समय भी नहीं निकाल पाते। याद रखें जब आप कुछ नया करते और सीखते है तब आप अपने आप के दायरे को बढ़ाते हैं एवं अपनी सीमा के आगे बढ़ते है; अपने आपको और भी ज्यादा समझ पाते हैं।
https://deeptea10.blogspot.com/2020/06/never-stop-learning.html
3. अपने नकारात्मक विचारों पर नियंत्रण रखें - Control your negative thoughts
जब भी आप असफल होते हैं या कुछ प्राप्त नहीं कर पाते तब मन मे नकारात्मक विचार आना स्वाभिक हैं; परन्तु अपने विचारों को सदैव सकारात्मक बनाये रखने का प्रयास तो आपको करना ही पड़ेगा। जीवन मे हर सुख के बाद दुःख और हर दुःख के बाद सुख तो आता ही है पर अगर आप दुःख मे अपने आप को खो देंगे तो आने वाले सुख के लिए कैसे मेहनत कर पाएंगे। अपने विचारों पर नियंत्रण रखे और सकारात्मकता से उज्वल भविष्य को प्राप्त करने कि कोशिश करते रहे।
4. प्रकृति और अपनी आत्मा से जुड़ें -
Connect with nature and your soul
जब इंसान को अपने जीवन मे रस की कमी लगती है तो उसे प्रकृति और अध्यात्म से अपने आप को जोड़ना चाहिए क्यूंकि अपने आप को खोने का सबसे बड़ा कारण आपके मन और आत्मा से जुड़ा होता हैं। जैसे कुछ बड़ा हासिल होते होते रह जाना; सपने टूट जाना, अपनों से बिछड़ जाना इत्यादि... आपके मन और आत्मा को इससे बड़ी घात पहुँचती हैं परन्तु जब आप अपने आप को प्रकृति और अध्यात्म से जोड़ते हैं तो आप अपने आप को संभाल पाते है एवं दुबारा अपने आप को ढूँढने मे सफल होते हैं।
5. सभी परिस्थिति में अच्छा ढूंढने का प्रयत्न करें - Try to find good in all circumstances
सबसे खुश व्यक्ति कौन होता हैं ? जो सदैव हर परिस्थिति मे कुछ अच्छा ढूंढने का प्रयत्न करता हैं। जीवन मे सब कुछ आपके मन मुताबिक हो जाये ऐसा होना तो असंभव ही हैं; आपके हाँथो मे कोशिश करना और सभी दशा मे खुश रेहना ही होता है। अच्छा देखने और अच्छा ढूढ़ने की कोशिश मे लगे रहे ताकि आप स्वयं से कठिन स्थितिओं मे भी जुड़े रह सके।
6. सोशल मीडिया से दूरी बनाये - Keep
Distance from Social-Media
सोशल मीडिया पर कोई आपको यह नहीं बताएगा की उनके व्यक्तिगत जीवन मे क्या समस्या चल रही हैं, वह काम कर रहे है या उनको काम से निकाल दिया गया हैं, उनके बच्चे भी रोते हैं और शैतानियाँ करते हैं, उनको भी दुःख का एहसास होता हैं, उनके जीवन मे भी परिस्थितियाँ सामान्य नहीं हैं। सोशल मीडिया पर सब अपना बेहरत ही प्रदर्शित करते है और वह देख कर आप अपने जीवन की तुलना दूसरों से करने लगते हैं; जिससे आपके दुःख की कोई सीमा ही नहीं रहती। स्वयं को सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश करें और अगर संभव ना हो सके तो उसको अपने पर हावी ना होने दें।
7. आराम और सांस लेने के लिए समय निकालें -
Take time to relax and breath
पूरे दिन की झंझट और व्याकुलता से स्वयं को कुछ समय के लिए अलग करें; ताकि आप अपने लिए आराम और फुर्सत की सांस ले सके। इससे आपको कुछ समय के लिए सुकून का एहसास होगा एवं आप स्वयं से बेहतर तरह से जुड़ सकेंगे।
“To be lost is as legitimate a part of your process as being found.” – Alex Ebert
कभी-कभी स्वयं मे खो देना गलत नहीं हैं क्यूंकि जब आप खोएंगे तभी आप और भी बेहतर तरह से अपने आप को दुबारा ढूंढ पाएंगे; परन्तु स्वयं को खो कर व्यक्ति कभी वापस स्वयं को ढूढ़ ना सके तो यह बहुत बड़ा खतरा हो जाता हैं। हमेशा याद रखे आपके अंदर ऐसी क्षमता है जो बुरे से बुरे वक़्त, बड़ी से बड़ी कठिनाईयों से आपको उबरने की क्षमता प्रदान करती हैं और यही क्षमता आपको स्वयं को दोबारा पाने का सामर्थ देता हैं।
इसके साथ आज आपसे विदा लेती हूँ और कुछ नयी सोच के साथ फिर मिलती हूँ |
DeepTea




Nicely written
ReplyDeleteThank you 🙏
DeleteWell written 👍👍totally agree with point 6....
ReplyDeleteWell written 👍👍totally agree with point 6....
ReplyDeleteThank you 🙏
DeleteNice write up
ReplyDeleteNice👍🏻👏🏻
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