कोरोना काल के दौरान दिवाली से कैसे प्रेरणा प्राप्त करें - How to get inspiration from Diwali during Corona period
कोरोना काल के दौरान दिवाली से कैसे प्रेरणा प्राप्त करें - How to get inspiration
from Diwali during Corona period
दोस्तों दिवाली तो हर साल आती हैं और चली जाती हैं; परन्तु यह दिवाली कुछ अलग है क्यूंकि इस साल हमारे कुछ प्रियजन हमे छोड़ कर चले गए, इस साल कई लोगों का काम धन्धा उनसे छिन गया, कई बच्चों की संस्धानों की कमी से पढ़ाई छूट गयी, इस साल की वजह से आगे आने वाले कई साल अंधकार मे नज़र आते दिख रहे हैं, समय थम सा गया और जीवन की गति कम सी लगने लगी हैं।
हर साल की तरह ही इस साल भी सभी विज्ञापनों मे दिवाली को पूरी धूम धाम से मानाने का जोश दिखाया जा रहा हैं; परन्तु क्या इस साल आपमें दिवाली को मानाने का वही उत्साह हैं ?
क्या वही जोश है पटाखे जलाने का ?
क्या दूसरों को उपहार देने की वही ख़ुशी है ?
अत्यधिक जवाब होंगे -
नहीं या बिलकुल नहीं; पर मे कहती हूँ
"हाँ
"; माना इस साल दिवाली मानाने से यह सब तकलीफे अगले दिन ही बदल नहीं जाएगी परन्तु यह दिवाली शायद हर साल से ज्यादा आपको जीवन के कुछ अनमोल पाठ सीखा जाएगी, जीवन के नए मायनों की आपसे पहचान करा जाएगी और एक प्रेरक शुरुआत के लिए आपको पूरी तरह से ऊर्जावान कर जाएगी।
आईये समझने की कोशिश करें कैसे इस कोरोना काल मे दिवाली आपमे बेहतर भविष्य के उम्मीद की लौ को जलाये रखेगी –
1)
नई शुरुआत (प्रेरणा - कोरोना काल से छुटकारा और नए शुरुआत की उम्मीद)
दिवाली प्रतिक है आपके जीवन मे आने वाली नयी उम्मीदों एवं नयी शुरुआत का; जैसे दिवाली पर आप नया घर, नयी गाड़ी, नए सामान के आने की ख़ुशी मनाते हैं, नए दोस्त बनाते है और जीवन को नयी उचाई एवं
Career को नए आयाम देने का ठानते है; वैसे ही इस साल कोरोना से उभरने और कोरोना रहित नयी दुनिया मे कदम रखने की शुरुआत है यह दिवाली।
2) साफ़ सफाई (प्रेरणा - सभी गलतियों और दुःख की जीवन से सफाई)
जैसे आप हर साल दिवाली पर अपने घर और आस पास की सफाई करते हैं, पुराने बेकार पड़े सामान एवं कचड़े को बहार निकल फेकते हैं और घर को शुद्ध कर देते हैं; वैसे ही कोरोना से आयी सभी दुःख, तकलीफों, गलतियों और अतीत की यादों को इस दिवाली अपने मन से निकल फेंकिये और आने वाले भविष्य के लिए अपने मन को साफ़ कर उसे पवित्र कर लीजिये।
3) रोशनी (प्रेरणा - सकारात्मकता का प्रकाश)
"दिवाली -
प्रकाश का पर्व हैं"
हर साल दिवाली पर आप अपने घर के हर एक कोने मे दीये का प्रकाश करते हैं, घर को अंदर और बहार हर जगह से रोशनी से जगमगा देते हैं ताकि अँधेरे का कोई नमो निशान ना रहे; ठीक वैसे ही इस साल अपने मन और मस्तिक मे कोरोना से आये डर, जीवन के लिए भय और भविष्य के लिए शंका के अंधकार को अपने मन से निकल फेंके और इसमे सकारात्मकता के दीप से उजाला कर दे।
4) उपहार - (प्रेरणा - अपनी हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद दें)
दिवाली मे सभी प्रियजनों को उपहार दिए जाते हैं छोटी से ले कर बड़ी चीज़ों का उनकी जरुरत के मुताबिक आदान-प्रदान किया जाता हैं; इस कोरोना काल मे इंसान की सबसे बड़ी जरुरत हैं आगे आने वाले भविष्य की मंगल कामना और आशीर्वाद, तो इस साल और आगे सालों मे लोगों को भौतिकवाद उपहार
(Materialistic Gift ) की जगह उनको हार्दिक शुभकामनाएं और आशीर्वाद दें।
5) मिठाई बाँटना - (प्रेरणा - सामुदायिक सहायकों और जरूरतमंदों की मदद)
दिवाली या कोई भी त्यौहार मीठा खाने और बाँटने से ही पूर्ण होती है। इस पूरे साल सामुदायिक सहायकों ने आपके जीवन को ठीक से चलाने मे आपकी बहुत मदद की; तो इस दिवाली उनके प्रति बिना भूले कृतज्ञता दिखाए। अपने आस-पास के जरूरतमंदों की जैसे आप सदैव सहायता करते रहते है; वैसे ही इस दिवाली भी उनकी दिल खोल कर सहायता करें और उनके जीवन मे मिठास लाने कि कोशिश करें। दिवाली का मज़ा अकेले बैठ कर मिठाये खाने से नहीं बल्कि सबके जीवन मे मिठास लाने से ही आता हैं।
इस दिवाली को ऐसा मनाये की कोरोना आपका जीवन के प्रति जूनून एवं भविष्य के लिए उम्मीद को देख कर स्वयं ही शर्मा जाये। आईये कोरोना को दिखा दे की चाहे उसने इस साल कितनी भी कोशिश की हम सभी को अनेक प्रेरक से दुःख और तकलीफ देकर; पर हमने भी जीवन को गले लगाए रखा और उसके प्रति अपनी सकारात्मकता को कम नहीं होने दिया।
"शुभ दीवाली"
DeepTea








बहुत बढ़िया
ReplyDeleteThank you 🙏
Deleteवाह..... दीपावली हम सभी के जीवन मे सकारात्मकता एवं प्रकाश ले कर आये। बहुत सुंदर ब्लॉग। 🌺🌺
ReplyDeleteThank you Pranjal 🙏
DeleteVery nice👍
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